• राज्य के दो आईपीएस अफसरों ने 'बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभानल्लाह' का दिखाया नजारा.
• रायपुर में मानवता की मिसाल—एक सीनियर IPS ने खुद उठाया घायल को तो युवा अफसर ने संभाली पूरी व्यवस्था.
रायपुर.राजधानी के नवा रायपुर की सड़क पर रविवार दोपहर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता का भी सबसे बड़ा चेहरा है। राज्य के दो IPS अधिकारियों ने सड़क पर गंभीर रूप से घायल पड़े विदेशी नागरिकों को न सिर्फ तत्काल सहायता दी, बल्कि अपनी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय से उनकी जान बचा ली। इस सारे घटनाक्रम का एक विडियो 'OMG NEWS NETWORK' को मिला है।
(सोशल मीडिया की कुछ गाइडलाइंस के चलते यह वीडियो अपलोड नहीं हो पा रहा)
तस्वीरों में देखी,कैसे आईपीएस अफसरों ने कि घायल विदेशी नागरिकों की मदद.

मिली जानकारी के अनुसार बीते रविवार की दोपहर करीब 12 बजे सीनियर आईपीएस सदानंद कुमार (डीआईजी) और युवा आईपीएस विकास कुमार (कमिश्नरेट में पदस्थ पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल) नवा रायपुर के चिचा मोड़ सेक्टर 15 के पास पहुंचे ही थे कि उन्होंने देखा एक बाइक रोड़ के किनारे पड़ी हुई है और उसके थोड़ी दूर में खून से लथपथ दो युवक बदहवास स्थिति में बैठे हुए हैं। जैसे ही दोनों आईपीएस अफसरों ने अपनी कार रुकवाई और पास जाकर देखा तो दोनों घायल नाइजीरियन थे और एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। देवदूत बनकर आए आईपीएस अफसरों की जोड़ी की मदद वाले विडियो की पड़ताल 'OMG NEWS NETWORK' ने कि तो पता चला कि दोनों घायल विदेशी नागरिक कुछ भी बोल पाने की हालत में नहीं थे बस सिर से निकलते खून और शरीर के अन्य जगहों पर आई चोट की वजह से ठीक से मूवमेंट भी नहीं कर पा रहे थे और बदहवास रोड़ पर पड़े मदद की नजरों से देख रहे थे। इसी बीच आईपीएस अफसरों की जोड़ी ने मोर्चा संभाला और पहले गमछे से एक नाइजीरियन युवक के सिर से निकलते खून को बंद करने गमछे से बांधा घायलों के राखी स्थिर पास के हेल्थ सेंटर में ऑटो से रवाना किया।

सीनियर आईपीएस सदानंद ने घायलों को उठाया तो विकास कुमार ने किया लाइनअप.
विडियो की पड़ताल में पता चला कि घायल विदेशी नागरिकों को अपने गनमैन और ड्राइवर की मदद से आईपीएस सदानंद कुमार ने धीरे से उठाया तो आईपीएस विकास कुमार (ऑफ कैमरा) घायलों को पास के हेल्थ सेंटर तक पहुंचाने लाइन अप करते रहे। रोड़ पर आईपीएस अफसरों की जोड़ी और पुलिस की गाड़ी को देख कुछ देर बाद राहगीर रुके और घायलों की मदद के लिए थोड़ा सहयोग दिया।

पड़ताल में और पता चला कि हादसे के बाद दोनों विदेशी नागरिक सड़क पर खून से लथपथ हालत में पड़े थे और आसपास मौजूद लोग केवल तमाशबीन बने हुए थे। इसी दौरान मौके से गुजर रहे राज्य के दो IPS अधिकारी बिना एक पल गंवाए तुरंत मदद के लिए आगे आए।
एक ओर जहां सीनियर IPS अधिकारी खुद घायलों को उठाकर सुरक्षित स्थान तक ले जाते नजर आए, वहीं दूसरे युवा IPS अधिकारी ने पूरी स्थिति को संभालते हुए तत्काल नजदीकी हेल्थ सेंटर तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई। उनकी तत्परता और टीमवर्क ने साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकता है।
'OMG NEWS' में यह न्यूज अपडेट होने के बाद लाजमी है कि आम लोगों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक, हर कोई इन अधिकारियों की सराहना करना होगा और रियल हीरो बने IPS अफसरों को राज्य सरकार द्वारा इनकी संवेदनशीलता और कर्तव्य निष्ठा को देखते हुए सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए।
एक मैसेज.
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब जिम्मेदारी के साथ इंसानियत जुड़ जाती है, तब वर्दी सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि उम्मीद और जीवन बचाने का प्रतीक बन जाती है।



