पेट्रोल-डीजल की किल्लत से किसानों की बढ़ी परेशानी, किसान नेता बोले- खेती के सामने गहराया बड़ा संकट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम लोगों से लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में किसान नेता पारसनाथ साहू का कहना है कि पेट्रोल-डीजल किसानों को नहीं मिलेगा तो किसान खेती कैसे करेंगे ? महामारी और प्राकृति आपदा से भी बड़ा संकट सामने खड़ा है।

खेती कैसे करेंगे किसान- किसान नेता

किसान नेता पारसनाथ साहू ने कहा कि इस साल खाद की दिक़्क़त जमकर होने वाली है और पैदावार भी कम होगा। पैदावार की बात तो बाद की है पहले खेत की जुताई, निंदाई और कुड़ाई सब ट्रैक्टर के भरोसे हैं। पेट्रोल डीजल किसानों को नहीं मिलेगा, तो किसान खेती कैसे करेंगे ?

खाद्य पदार्थों की होगी कालाबाज़ारी

वहीं उन्होने आगे कहा कि किसान खेती नहीं करेंगे तो वो कर्जों में तो डूबेंगे, साथ ही देश की अर्थव्यवस्था टूट जाएगी। महंगाई चरम छुएगा और हर एक खाद्य पदार्थों की कालाबाज़ारी होगी। जब समान ही नहीं मिलेगा, रॉ मटेरियल नहीं मिलेगा तो फै़क्ट्री और कारखानों से अनाज बनाया नहीं जा सकता।

सामने खड़ा है बड़ा संकट

वहीं उन्होंने चिंता जाहीर करते हुए कहा कि खेती बाड़ी में समय का खेल होता है। समय में आधार खाद बीज पेट्रोल डीज़ल नहीं मिला तो बहुत बड़ा नुक़सान होगा, जिसका कोई आंकलन नहीं हो सकता। वहीं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मानव इतिहास में जितने भी महामारी आए हैं और प्राकृति आपदा से संकट जो पैदा हुआ है उससे बड़ा संकट सामने खड़ा है।


पेट्रोल-डीजल भरवाने की होड़

बता दें कि अभी पूरे प्रदेश के लोगों में पेट्रोल-डीजल भरवाने की होड़ मची हुई है। सुबह से शाम तक फ्यूल स्टेशनों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। प्रशासन ने दावा किया है कि लोग अफवाहों के चलते पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

वहीं खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश के ऑयल डिपो को नियमित रूप से आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति हो रही है तथा वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।





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