‘OMG’ हे सतनामी समाज भड़का, कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़, आखिर कैसे जला बलौदा बाजार, पढ़े विस्तार से.

•भडकी हिंसा की खबर सरकार को नहीं, पुलिस और खुफिया महकमा भी फेल.

रायपुर. बलौदा बाजार में सतनामी समाज के उग्र होने की घटना के बाद हालात पर काबू पाने ऊपर से लेकर नीचे तक जद्दोजहद जारी है और सभी की नजरें बलौदा बाजार में भड़की सतनामी समाज की आग को बुझाने पर लगी हुई है। इस घटना के बाद एक सबसे बड़ा सवाल उभर कर सामने आ रहा है कि आखिर बलौदा बाजार के दशहरा मैदान में सरकारी बिल्डिंग में तोड़फोड़ कर गाड़ियों को आग के हवाले करने वाली भीड़ एक साथ जुटी कैसे.

सूत्रों की माने तो बलौदा बाजार में सोमवार को हुए उग्र आंदोलन की आग को भड़काने बीते दो तीन दिनों से प्लानिग चल रही थी। प्रदेश के अलग अलग कोने से सतनामी समाज के लोग अपना विरोध प्रदर्शन करने बलौदा बाजार के बॉर्डर से इंटर करते रहे और आसपास के जिलो के एसपी,उनके नीचे के अफसर ,थानेदार और तो और पुलिस का खुफिया भी फेल साबित हुआ। गाड़ियों में समाज का झंडा लगाए बिलासपुर, रायपुर,जांजगीर चाम्पा,महासमुंद, समूचे राज्य के कोने कोने से सतनामी समाज के लोग जुट रहे थे लेकिन किसी को कानोंकान भनक तक नहीं लगी और बलौदा बाजार जैसे शांत जिला सतनाम समाज के गुस्से की आग से जल उठा।

धधकते सवाल ?

सतनामी समाज के लोगो की योजना पर किसी की नजर क्यों नहीं गई, राज्य समेत जिले की पुलिसिंग और खुफिया विभाग क्या कर रहा था।

बलौदा बाजार जिला राज्य के अन्य जिलों से चारो ओर घिरा हुआ है ऐसे में अचानक भीड़ कैसे कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत और एसपी ऑफिस तक पलक झपकते ही पहुच गई। पड़ोसी जिलों के एसपी उनके मातहत और तो और थानेदारों को इसकी भनक क्यो नही लगी।

भीड़ कब और कैसे जुटी, जबकि सूत्रों की माने तो बीते दो तीन दिनों से बलौदा बाजार मुख्यालय इंट्री करने की प्लानिंग चल रही थी, फिर भी सूचना तंत्र हासिल आई शून्य के हिसाब का रहा।

सतनामी समाज के लोग गाड़ियों में झंडे लगाकर बलौदा बाजार के लिए कूच करते रहे, बार्डर से मुख्यालय के भीतर आए, अचानक उपद्रवी भीड़ ने तोड़फोड़,आगजनी की घटना को अंजाम दिया लेकिन आने वाले उपद्रवियों को कैसे नजर अंदाज कर दिया गया।

बड़ा सवाल?

इधर सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार बलौदा बाजार मुख्यालय में उपद्रव को लेकर मुंगेली और बिलासपुर से ज्यादा की संख्या में लोग गए जो काफी समय पहले से योजना बना रहे थे। इसके लिए बकायदा पैंपलेट छपवाया सब को आगाह किया गया, पहले मुंगेली फिर सोमवार को सीधा बलौदा बाजार मुख्यालय में धमाकेदार आंदोलन सब कुछ प्लानिंग पैंपलेट में चस्पा है जो सभी के पास पहुंचा मगर मुंगेली और बिलासपुर पुलिस ? सब से अहम खुफिया विभाग की कमान संभाल रहे अफसर उनके मातहतो के हाथ ये पैंपलेट कैसे नही लगा? राज्य के बलौदा बाजार में आज हुई इस घटना की जानकारी जैसे ही आमजनों को हुई तो सब इसे देश की शर्म नाक घटना करार दे रहे है जो सीधा जिला और पुलिस प्रशासन पर किया गया है।

अब देखना होगा की.

मालूम की राज्य के डिप्टी सीएम और होम मिनिस्टर विजय शर्मा ने गिरौदपुरी धाम के जैतखांभ में हुई तोड़फोड़ की न्यायिक जांच कराने की घोषणा कर दो टूक कहा की प्रदेश में कही भी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाओं को बर्दाश्त नही की जाएगी ऐसे कृत्य करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी से सामाजिक साैहार्द्र बनाए रखने की अपील भी की है। गौरतलब है की विगत दिनों 15-16 मई रात को पूज्य जैतखांभ को क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई थी। अब देखना होगा कि फेल सूचना तंत्र से हुई घटना के बाद राज्य के किस जिले से सब से ज्यादा गिरफ्तारियां होती है।

मंत्री, अफसरों से कनेक्टिविटी नहीं.

इस घटना के बाद सूबे के मंत्री और राजधानी में बैठे पुलिस विभाग के बड़े अफसर (खुफिया विभाग भी शामिल) पड़ोसी रेंज के अफसरों से कनेक्टिविटी नहीं हो पा रही है। मीडिया में आ रही जानकारी के अनुसार प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मंत्री और अफसरों को तलब कर उनकी क्लास लगाई है। जिसके चलते भी घटना को लेकर कोई उपलब्ध नही हो पा रहा है।

एक नजर घटना पर और एसएसपी ने कहा.

गिरौदपुरी के जैतखाम में तोड़फोड़ से आक्रोशित सतनामी समाज ने बलौदाबाजार में उग्र प्रदर्शन किया. समाज के हजारों लोगों ने कलेक्ट्रेट-एसपी और जिला पंचायत दफ्तर का घेराव कर उसे आग के हवाले कर दिया. परिसर में खड़ी सैकड़ों गाड़ियों सहित दमकल की दो गाड़ियों पर आग लगा दी. वहीं झूमाझटकी और पथराव से कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. इस मामले में एसएसपी सदानंद कुमार ने कहा है कि घटना का वीडियो हमारे पास है. इसके आधार पर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर और एसपी दफ्तर में आगजनी की घटना के बाद आसपास के जिलों से पुलिस बल बुलाया गया है. वहीं रायपुर रेंज आईजी अमरेश कुमार मिश्रा भी घटना स्थल पहुंच गए हैं. इस मामले में एसएससी सदानंद कुमार ने कहा है कि समाज के पदाधिकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन दिया था. तीन से 4 हजार लोग आने की बात कही गई थी पर इससे ज्यादा 5 से 6 हजार लोग पहुंचे थे।

एसएसपी ने बताया, पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था थी. 500 बल तैनात किए गए थे. उपद्रवियों ने बैरिकेड को तोड़कर सरकारी दफ्तरों में आग लगाई. प्रदर्शन के दौरान पथराव भी किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं. आगजनी से कितनी गाड़ियां जली है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

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