केवाईसी के नाम पर आपदा में ब्लैक का अवसर तलाश रही गैस एजेंसियां.

• बालाजी गैस ने लकवाग्रस्त वृध्दा को टरकाया.

• संभागायुक्त से शिकायत.


बिलासपुर. केन्द्र सरकार कह रही है कि गैस की कहीं किल्लत नहीं है लेकिन घरेलू गैस व्यापारियों को ब्लैक करने के लिए केवाईसी को अपना हथियार बनाया है। आपदा में अवसर तलाशते हुए इस नाम पर बुकिंग को रद्द कर उसके नाम का सिलेंडर किसी और के यहां सरेण्डर कर रहे हैं। पांच दिन बाद याद आता है कि उपभोक्ता का केवाईसी कराना है और वह नहीं आया तो पांच दिन हो गया है इसलिए इसकी बुकिंग रद्द कर दी जाती है और मजे की बात की कंपनी का मैसज भी रद्द करने का नहीं आता। इसी तरह का एक मामला बालाजी गैस एजेंसी के उपभोक्ता का सामने आया है।


संभागायुक्त को की गई शिकायत के मुताबिक गोड़पारा स्थित नंदलाल मिल के पीछे रहने वाली उपभोक्ता श्रीमती मुंकदी बाई अग्रवाल बीते चालिस वर्षों से बालाजी गैस एजेंसी से गैस सिलेंडर की रिफिलिंग करा रही हैं। इस बार 3 मार्च को बुकिंग करने पर उनका बिल 7 मार्च को जनरेट हुआ जिसमें स्पष्ट लिखा गया कि यह आपको आखिरी सिलेंडर दिया जा रहा है आगे केवायसी होने पर सिलेंडर दिए जाएंगे। बिल कटने के बाद भी वह आखिरी सिलेंडर उपभोक्ता तक नहीं पहुंचा। पन्द्रह दिनों बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने पर श्रीमती मुंकंदी बाई ने 95 वर्ष की लकवाग्रस्त अवस्था में एजेंसी का चक्कर काटने की बजाए अपनी पुत्र मनीष अग्रवाल के जरिए संभागायुक्त को लिखित शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।





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