देर रात बार मैनेजर का रास्ता रोक की मारपीट,अब आरोपी थाने में साथी फरार,भाजयुमों नेता का आरोप से इंकार और थाने में लिकर लॉबी का जोर.

बिलासपुर. बीजेपी नेताओं के साथ फोटो सेशन में आगे एक युवक और उसके साथी को पुलिस ने बार मैनेजर से शराब पीने के रास्ता रोक मारपीट करने के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी युवक और उसके साथी अक्सर इस तरह की घटना को अंजाम दिया करते रहे है,लेकिन नेतागिरी की आड़ में थाने तक शिकायत नही पहुचती रही, वही इस बार एक्शन मूड में आई सिविल लाइन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के कुछ ही घण्टो के बाद एक आरोपी पकड़ थाने में बिठा दिया तो वही एफआईआर दर्ज कराने को लेकर शराब कारोबारी के दबाव में आकर पुलिसिया कार्रवाई की बू आ रही है।

सिविल लाइन पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सरकंडा अरविंद नगर निवासी बैजनाथ प्रधान प्लैटिनम बार में मैनेजर है। शुक्रवार को बार बंद होने के बाद अपना काम समाप्त कर रात करीब 2:15 बजे घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में वेयर हाउस तिराहा के पास देवर्षी बाजपेई अपने साथी के साथ खड़ा मिला। दोनों ने बार मैनेजर को रोका और शराब पिलाने उसके एवज ने पैसे देने की बात कही जब बार मैनेजर ने पैसे देने से मना किया तो युवक उसे जान से मारने की धमकी देते हुए मैनेजर की पिटाई शुरू कर दी।

इस बीच पीड़ित बार मैनेजर के परिचित सोनू सिंह चौहान ने बीच-बचाव किया। इधर बार मैनेजर की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 294, 327, 341, 506, 34 के तहत जुर्म दर्ज कर देवर्षी बाजपेई को हिरासत में लिया है तो वही उसका साथी फरार हैं।

भाजयुमो नेता का भाई बताया जा रहा आरोपी.

सिविल लाइन पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी देवर्षी वाजपेयी भाजयुमों उत्तर मंडल के अध्यक्ष महर्षि वाजपेयी का भाई बताया जा रहा है आरोप है कि आरोपी खुद को भी भाजयुमो नेता कहता है और बीजेपी के नेताओं के साथ फोटो खिंचवाना इसका शौक है। राजनीतिक पहुंच की धौस दिखाना इसके लिए आम बात है।

ऐसा कुछ भी नही हुआ-बाजपेयी

इस मामले को लेकर भाजयुमों उत्तर मंडल के अध्यक्ष महर्षि वाजपेयी ने ‘OMG NEWS’ से कहा कि जिस तरह का आरोप लगा देवर्षी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है वैसा कुछ भी नही हुआ है। दोनो के बीच पुराना विवाद जरुर है। लेकिन शराब के लिए पैसे मांगने या लूटने का आरोप सरासर गलत है।

आरोपथाने में चल गई शराब लॉबी.

सूत्रों की माने तो इस पूरे मामले में एक शराब कारोबारी और उसके बहुत सारे काम देखने वाले युवक की थाने में सेटिंग की बू आ रही है। आरोप है कि शराब कारोबारी के स्टाफ को ये तक नही पता कि बार मैनेजर से कितनी रकम आरोपियों ने मांगी और पूरा मसला क्या है। इसके बावजूद उसका मेन रोल इस पूरे घटनाक्रम में होना बताया जा रहा है। उसी के इशारे पर सिविल लाइन थाने में देवर्षी और उसके साथी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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