इस साल का आज अंतिम चन्द्र ग्रहण,जानिए इसके प्रभाव.

पंडित अनिल पाण्डेय.

“खग्रास चंद्रग्रहण”

आज मंगलवार ८ नवम्बर २०२२ को कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि, भारतीय मानक समय अनुसार इस वर्ष का आखिरी चंद्र ग्रहण दिन के 14.39 बजे से लगेगा और शाम को 18.19 बजे समाप्त हो जाएगा। ग्रहण के समय भरणी नक्षत्र रहेगा।

ग्रहण का सूतक – प्रातः 8:29 बजे से प्रारम्भ हो जाएगा। सूतक के समय बालक , रोगी , वृद्ध को छोड़ कर अन्य किसी को भोजन और शयन नहीं करना चाहिए।

जिन स्त्रियों के गर्भ में शिशु पल रहे हो उन्हें किसी भी धारदार हथियार आदि का प्रयोग आदि नहीं करना चाहिए और ना ही चाकू आदि से कुछ काटना और ना ही सुई से कुछ सिलाई करना चाहिए। गृह काल में गर्भवती स्त्री को भूल कर भी सोना नहीं चाहिए।

ग्रहण कहाँ कहाँ दिखेगा?

यह चंद्रग्रहण अपने देश में के पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों से दिखेगा, बंगाल, बिहार , ओडिशा आदि में तो सम्पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा परन्तु अन्य प्रदेशों में ग्रहण का कुछ हिस्सा ही दिखाई देगा। विदेशो में यह ग्रहण- म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, जापान, फिजी , चीन, भूटान, नेपाल, रूस, पकिस्तान, अफगानिस्तान, आस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, उत्तरी और दक्षिणी अमरीका , अटलांटिका सागर, पेसिफिक सागर आदि में भी दिखाई देगा।

ग्रहण का पर्यावरण सहित देश और विदेशों पर प्रभाव.

देश के कई हिस्सों में खासकर जहां पर खग्रास ग्रहण दिखेगा वहाँ पर छिटपुट वर्षा का योग बनने के आसार हैं. समुद्री तूफ़ान और चक्रवात का आगमन होगा।
फल, अन्न सहित लगभग सभी वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे।
महंगाई बढ़ेगी।
अंतरास्ट्रीय जगत में किन्ही और देशों के बीच भी युद्ध के नए फ्रंट खुलेंगे।
देश के कई हिस्सों में हिन्दू-मुस्लिम दंगा, विवाद, धार्मिंक लड़ाई आदि होंगे जिसमे खास कर पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में इसका प्रभाव ज्यादा दिखाई दे सकता है।
कुछ जगहों पर आगजनी का घटनाएं भी होंगी या फिर बारूदी धमाका हो सकता है।

किसी खदान, कारखाना में दुर्घटना होने के कारण कभी हानि होगी या फिर देश में कोई विमान दुर्घटना की प्रबल सम्भावना दिख रही है।
कड़ी के किसी देश में सरकार और सत्ता को लेकर खुनी संघर्ष और सत्ता हस्तांतरण हो सकता है।

आज चंद्र ग्रहण हैं.

सभी को सूतक से पहले स्नान कर ग्रहण के समय गुरू मंत्र का जाप करना चाहिए ।
यदि गुरू मंत्र दिक्षा नहीं हुई हैं ।
तो जय राम श्री राम जय जय राम तारकमंत्र का जाप करना चाहिए।

ग्रहण पूर्ण होने पर स्नान कर ।
अन्न दान दक्षिणा आदी सामर्थ्य अनुसार करना चाहिए।।
तथा घर में सभी भोजन सामग्री में कुशा अथवा तुलसी दल रखना चाहिए।

गौमुत्र गंगाजल छिड़कना चाहिए।
यह सामान्य प्रक्रिया हैं। सभी कर सकते है
शुभमस्तु।

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