सोशल मीडिया पर नाबालिकों के अकाउंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का संगठन समर्पित ने किया स्वागत .

बिलासपुर. बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए जमीनी अभियान चला रहे समर्पित ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है। जिसमें उसने केंद्र से इन संभावना पर विचार करने को कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ऐसे वैधानिक नियम बनाए जाएं जिनके तहत उनके लिए नाबालिकों से संबंधित भारती कानून का पालन करना अनिवार्य हो नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइस फॉर चिल्ड्रन एलायंस ने सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका दायर कर मांग की थी कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को इस बात का ध्यान रखने के निर्देश दिए जाएं की नाबालिकों में अनुबंध करने की कानूनी अधिकार नहीं होता इसलिए ऑनलाइन सेवाओं तक उनकी पहुंच के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं संगठन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह कदम जस्ट राइस फॉर चिल्ड्रन के बाल अधिकारों की सुरक्षा के आर्थिक प्रयासों कर पर हो रहा है।


संगठन समर्पित जीआरसी का एक सहयोगी संगठन है भारत में जीआर सी अपने सहयोगी संगठन के साथ देश के सभी 782 जिलों में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए अभियान चला रहे हैं समर्पित के निदेशक डॉ संदीप शर्मा ने कहा कि हमारे बच्चों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत के कानून का उल्लंघन करने से रोका जाए आज ऑनलाइन दुनिया में बच्चों के सामने कई तरह के खतरे मौजूद हैं क्योंकि नाबालिक बच्चों को बहला फुसलाकर यौन शोषण ट्रैफिकिंग और सेक्स टॉर्जन जैसे कामों में आसानी से धकेला जा सकता है इसके अलावा नाबालिकों के नीचे डाटा का दुरुपयोग और साइबर सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से बच्चों की ऑनलाइन शोषण से रक्षा हो सकेगी याचिका पर सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्य पीठ ने की जिसमें न्यायमूर्ति जयमालिया बागची और न्यायमूर्ति वि मोहन भी शामिल थे पीट ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ स्वतंत्र रूप से अनुबंध करने के लिए 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए दिशा निर्देश बनकर नहीं रहना चाहिए और केंद्र से इसे इंटरमीडिएट नियमों के ढांचे में शामिल करने पर विचार करने को कहा न्याय केंद्र का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कृपया इंटरमीडिएट नियमों के तहत ऐसे निर्देश जारी करें कि वह अपने सॉफ्टवेयर या जिस भी रूप में उसे प्लेट फार्म को संचालित करते हैं और उसे भारतीय कानून के अनुरूप तैयार करें सॉफ्टवेयर को भारतीय कानून के अनुरूप होना ही चाहिए तुषार मेहता ने कहा की सरकार इस मुद्दे की जांच करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी।


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