रायपुर। श्री नारायणा हॉस्पिटल के प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्शन सर्जन डॉ. नीरज पांडे और यहां की दक्ष ऑर्थोपेडिक टीम ने एक भयावह सड़क दुर्घटना (RTA) में गंभीर रूप से घायल एक मरीज की बुरी तरह से क्षतिग्रस्त टांग को सुरक्षित बचा लिया और उसे मौत के मुंह से वापस खींच ले आये.

दरअसल, एक भीषण एक्सीडेंट में मरीज के कमर और जाँघ के बीच के संवेदनशील हिस्से याने Groin और Pelvis (श्रोणी ) में कई जगह गंभीर फ्रैक्चर्स हो गए, जिसकी वजह से उसकी मुख्य एक्सटर्नल इलियाक आर्टरी, बुरी तरह से कट जाने के कारण शरीर के निचले हिस्से में रक्त आपूर्ति लगभग बंद हो जाने की कगार पर आ गई. ऐसे हालात् में कुछ समय के बाद ही मरीज के पैर को काटने या उसकी जान जाने तक की नौबत आ सकती थी.
डॉ. नीरज पांडे ने बिना समय गंवाये ही सबसे पहले ऑर्थोपेडिक टीम की मदद से ओटी में मरीज के Pelvis की टूटी हुई हड्डियों को एक्सटर्नल फिक्सेशन द्वारा सेट किया. तत्पश्चात बिना समय गंवाये मरीज की कटी हुई इलियाक आर्टरी को माइक्रो सर्जरी द्वारा वैस्कुलर रिपेयर किया. इससे कुछ ही देर में मरीज के पैर में रक्त का प्रवाह पुनः सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया.
अगर सही समय पर खून का प्रवाह प्रारंभ ना हो पाता तो पैर मे गैंग्रीन हो जाने की शत प्रतिशत संभावना थी, जो कि जानलेवा साबित होती. इसके बाद मरीज के खुले हुए घावों और नाजुक अंगों को सुरक्षित ढंकने के लिए रेक्टस फेमोरिस फ्लैप टैक्निक का उपयोग वहाँ पर किया, जो कि गंभीर घावों को जल्दी रिकवर होने में मददगार साबित होती है.
इस अवसर पर हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ सुनील खेमका ने बताया कि हमारी दक्ष ट्रॉमा यूनिट ने उचित समय पर अपने अथक प्रयासों से मरीज की जान जाने से तो बचाई ही, साथ ही मरीज का पैर सुरक्षित हो जाने कारण उसे स्थायी रूप से अपंग होने से भी बचा लिया. वर्तमान में मरीज की हालत काफी अच्छी है, और वह बहुत तेजी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहा है. डॉ. खेमला ने इस सफलता पर डॉ नीरज पांडे और हमारी ऑर्थोपेडिक टीम की सराहना की.
