• सिंपैथी पोस्टिंग में आई महिला थानेदार भी जुगाड़ तंत्र की राह पर.
बिलासपुर. जिले की पुलिसिंग में एक बार फिर ‘कुर्सी की राजनीति’ गर्मा गई है। जैसे-जैसे शहर के एक अहम वीआईपी इलाके का थाना अगले महीने खाली होने वाला है। वैसे-वैसे दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ती नजर आ रही है। तपती गर्मी के बीच ‘जुगाड़ तंत्र’ पूरी रफ्तार में काम कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रतिष्ठित थाने की कुर्सी पर बैठने के लिए कई थानेदार ने अभी से अपने-अपने संपर्कों को सक्रिय कर दिया है। खासकर प्रमोटी थानेदार ‘पंडित जी’ इस रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं, जो लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत करने में जुटे हैं। पुलिस कप्तान के ऑफिस में ड्यूटी बजा उनकी आंखों का तारा बनने की जुगत में पंडित जी की सारी आस वीआईपी थाने के चार्ज पर टिकी हुई है वही दूसरी ओर जिले के सीनियर टीआई व कुछ अन्य एसएसपी के आशीर्वाद की छांव पर नजरें टिकाए हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर, हाल ही में सिंपैथी पोस्टिंग लेकर जिले दुबारा थानेदारी करने आई एक महिला थानेदार भी जुगाड़ तंत्र की राह पर है चर्चा है कि युवा टीआई का विकेट डाउन कर पहले टम में रह चुकी रेल्वे इलाके से लगे उसी थाने का चार्ज पाने का मन बनाया है और इसकी जुगत में भिड़ी हुई है और अगर आशीर्वाद स्वरूप वीआईपी थाना हाथ लग गया तो क्या कहने, वैसे थाने की कुर्सी पाने की इच्छुक महिला टीआई का कामकाज काफी तेज और सरपट है जिनके भी नाम की चर्चा महकमे में तेजी से फैल रही है और वे भी पर्दे के पीछे अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी हैं।
पुलिस महकमे में यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी ‘कुर्सी की लड़ाई’ ने अंदरूनी हलचल तेज कर दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिर किसकी पहुंच और जुगाड़ भारी पड़ती है और किसे मिलती है इस हाई-प्रोफाइल थाने की जिम्मेदारी।
पंडित जी का नाम फाइनल.
ये कहना मुनासिब तो नहीं होगा मगर विभाग में चर्चा है कि जून में वीआईपी थाने के अगले चार्ज के लिए प्रमोटी थानेदार पंडित जी का नाम लगभग फाइनल हो गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि उनका टेस्ट लेकर कप्तान ने वीआईपी थाना इलाके के अगली पारी के लिए पंडित जी नाम लॉक कर दिया है। इसके अलावा और भी कई दावेदार कुर्सी की दौड़ में लगे हुए है।



