26 साल बाद मंत्रालय की कैंटीन व्यवस्था में बदलाव, आशंकित कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव से लगाई गुहार…

रायपुर। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) की कैंटीन व्यवस्था बदलने जा रही है. लंबे समय से कैंटीन संचालन इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के माध्यम से बिना निविदा के किया जा रहा था. अब निविदा के जरिए एक एजेंसी का चयन कर कैंटीन संचालन की नई व्यवस्था लागू करने जा रही है, इस बीच मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से कैंटीन संचालित करने की मांग रखी है.

मंत्रालय याने महानदी भवन में अब तक इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के माध्यम से बिना निविदा के कैंटीन का संचालन किया जा रहा था. आईसीएच को कैंटीन संचालन के लिए राज्य शासन द्वारा लगभग 12 लाख रुपए प्रतिमाह की सब्सिडी प्रदान की जाती थी, वह भी बिक्री आय के अतिरिक्त. इसी कारण से कैंटीन में खाद्य पदार्थों की दरें बाजार दरों की तुलना में काफी कम बनी रहती थीं.



कर्मचारी संघ ने चुनाव के दौरान इस व्यवस्था को समाप्त कर टेंडर आधारित, पारदर्शी प्रणाली लागू करने को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था. सामान्य प्रशासन विभाग इसी आधार पर खुली निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की गई. प्रारंभिक चरणों में अपेक्षित प्रतिस्पर्धा नहीं मिली, परंतु प्रयासों के बाद अंततः एक एजेंसी का चयन कर नई व्यवस्था लागू की जा रही है. बताया जा रहा है कि कैंटीन पूर्णतः लागत-आधारित मॉडल पर संचालित होगी, जहां दरों का निर्धारण वास्तविक लागत के अनुरूप किया जाएगा.

नई व्यवस्था में खाद्य पदार्थों के महंगे होने की आशंका जताते हुए मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुझाव दिया है. जिसमें कैंटीन का संचालन निजी हाथों में सौंपने की बजाए महिला स्व-सहायता समूह को देने की मांग की है. इसके लिए प्रदेश के अन्य शासकीय कार्योलयों में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित किए जा रहे कैंटीन का हवाला देते हुए मंत्रालय कैंटीन की भी जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूह को देने की मांग की है.





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