यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह 'राही' ने साइडलाइन किए जाने और काम न मिलने से निराश होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद अलीगढ़ में उनके पिता शिवदन सिंह ने मीडिया को अपना साधारण सा घर दिखाया। उन्होंने बताया कि उनके पास कोई बैंक बैलेंस नहीं है, बस ईमानदारी की पूंजी है। वे आज भी आटा चक्की चलाते हैं और उनके घर की दीवारों पर सालों से पेंट नहीं हुआ है।
साल 2009 में मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए रिंकू ने 100 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था। उस दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ और उन्हें 7 गोलियां लगीं, जिससे उनकी एक आंख और जबड़ा चला गया। इन तमाम संघर्षों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 2023 में आईएएस अधिकारी बने।
पिता के मुताबिक, रिंकू हमेशा सैलरी के बदले काम की मांग करते रहे, लेकिन उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई। बिना पद और काम के वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। बेटे की ईमानदारी के बावजूद सरकार से उचित सम्मान न मिलने के कारण उनका पूरा परिवार निराश है।



