पटना. बिहार की राजधानी पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली कराने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में तब्दील हो चुका है।
पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के इस घर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान तेज हो गई है।
भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री को तीसरी बार इस बंगले को खाली करने का आधिकारिक नोटिस भेजा है, लेकिन राबड़ी देवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि वह किसी भी परिस्थिति में इस घर को नहीं छोड़ेंगी।
नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे जितना भी पुलिस बल तैनात कर ले, मैं यह आवास खाली नहीं करने वाली। सरकार को जो कार्रवाई करनी है, वो पुलिस भेजकर करवा ले।इस बयान के कुछ ही घंटों बाद पटना सचिवालय थाने की पुलिस और जिला प्रशासन की टीम राबड़ी देवी के आवास पर पहुंची।
अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और बंगला खाली करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है।
राबड़ी देवी साल 2006 से पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से इस 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले में रह रही हैं। हालांकि, वर्तमान में उन्हें नेता प्रतिपक्ष का पद मिलने के कारण 39 हार्डिंग रोड स्थित एक नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है।
सरकारी नियमों और सूत्रों के मुताबिक, 10 सर्कुलर रोड वाला यह बंगला अब बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम के नाम आवंटित हो चुका है।
इस पूरे विवाद के पीछे एक राजनीतिक अंधविश्वास या अशुभ होने का डर भी सामने आ रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राबड़ी देवी को आवंटित नया बंगला (39 हार्डिंग रोड) बेहद अनलकी माना जाता है।
ऐसा कहा जाता है कि इस बंगले में रहने वाले नेताओं का राजनीतिक सफर ढलान पर आ जाता है और वे दोबारा कभी कैबिनेट में जगह नहीं बना पाते।इस बंगले के अंदर एक मजार भी है जो की बेहद ही पुराना है। वहीं, वहां रह रहे स्थानीय लोगों का मानना है कि यह बंगला शुभ नहीं है।



