जन्मतिथि के आधार से कैसे झांके अपने भविष्य में, सारा फंडा जानिए,टैरो कार्ड रीडर फरहा खान से.

ज्योतिष शास्त्र के बारे मे जनाने वालों की जिज्ञासा को कम करने इस बार टैरो कार्ड रीडर मैडम खान रोचक ‘OMG NEWS NETWORK’ के पाठकों को बताने जा रही है। वैसे तो ज्योतिष शास्त्र के कई अलग-अलग प्रकार है लेकिन टैरो कार्ड्स की विधि एक अलग ही तरह की है। जन्मतिथि के आधार पर भविष्य, टैरो कार्ड्स की संख्या,इनकी पहचान व भूतकाल- वर्तमान और भविष्य से संबंधित ढेर सारी जानकारियां.

अंक ज्ञान या न्यूरोलॉजी से अपनी जन्मतिथि के आधार पर भविष्य को जानना,भविष्य जानने की ऐसी ही एक विधा है टैरो कार्ड रीडिंग पद्धति,इसमें कुछ कार्ड्स से माध्यम से भविष्य में झांक कर देखा जाता है। कार्ड्स के द्वारा भविष्य में कैसा झांककर देखा जाता है। आइए हम आपको बताते हैं की टैरो कार्ड से भविष्य कैसे पता चलता है।

टैरो में कार्ड्स कुल 78 कार्ड्स होते हैं। इन कार्ड्स को डेक कहा जाता है। कार्ड्स को मेजर आर्काना और माइनर आर्काना में बांटा गया है। आर्काना शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द ‘आर्कान्स’ से हुई है. इसका मतलब है रहस्यमय व्यक्तिगत विकास और इन कार्ड्स की एक विशेष रहस्य मय दुनिया है जो आपके past, present, और future को जानती है और बताती है।

बने होते हैं चिन्ह.

टैरो कार्ड पर कई अंक, रंग, संकेत के अलावा पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश और हवा जैसे तत्व बने होते हैं. इन्हीं के आधार पर टैरो कार्ड रीडर लोगों की भविष्य की व्याख्या करते हैं.

ऐसे शुरू हुआ टैरो कार्ड्स का प्रचलन.

टैरो कार्ड रीडिंग सबसे पहले चौदहवीं शताब्दी में इटली में मनोरंजन के तौर पर सामने आयी. लेकिन बहुत जल्द ही यह इतनी मशहूर हुई कि पूरे यूरोप के बहुत से देशों में फैल गई. आने वाले समय में इसने मनोरंजन का नहीं बल्कि भविष्य का बखान करने वाली एक रहस्मयी विद्या का रूप ले लिया. 18वीं शताब्दी आते-आते टैरो कार्ड रीडिंग इंग्लैंड व फ्रांस में भी काफी मशहूर हो गई. इसके अलावा यह भी माना जाता है कि टैरो कार्ड्स की फिलॉसफी कबाला से पैदा हुई है.इंग्लैंड और यूरोप के जिप्सी लोगो ने इस कार्ड reading को विश्व भर में प्रचलित कर दिया।

टैरो कार्ड के अंतर्गत दो लोग होते हैं, पहला अपने भविष्य की जानकारी या अपनी समस्याओं का समाधान चाहने वाला प्रश्नकर्ता तथा दूसरा निकाले गए कार्ड को पढ़ व समझकर प्रश्नकर्ता को समाधान बताने वाला “रीडर”। ज्योतिष की यह विद्या आस्था और विश्वास पर आधारित है। यदि प्रश्नकर्ता को इस विद्या पर विश्वास नहीं है, तो उसे इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस विद्या को कुछ लोग अविश्वास की नजरों से देखते हैं, परन्तु इस बात में कोई संदेह नहीं है कि टैरो कार्ड विद्या का प्रयोग भविष्य को जानने के लिए किया जा सकता है। यदि प्रश्नकर्ता को टैरो कार्ड में पूर्ण श्रद्धा व विश्वास है तो यह जीवन की समस्याओं व भविष्य का मार्गदर्शन करने में सहायक है। लैटिन भाषा में Archana का अर्थ है रहस्यमय.
अनुमान लगाने की क्षमता.

टैरो कार्ड के ऊपर अंक, रंग, संकेत तथा पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश जैसे पांच तत्व दर्शाए गए होते हैं, जिनके आधार पर भविष्य का अनुमान लगाया जाता है। आपने देखा होगा टैरो कार्ड पढ़ने वाले लोगों में अधिकांशत: महिलाएं ही होती हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि टैरो कार्ड एक ऐसी प्रणाली है जिसमें गणित का जरा भी प्रयोग नहीं होता, बस अनुमान लगाने की क्षमता सटीक और अचूक होनी चाहिए। टैरोट कार्ड रीडर बनने के लिए कार्ड को सिद्ध करना होता है एक प्रकार से यह विद्या एक साधना है।

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