रायपुर। आज बहुत ऐतिहासिक दिन है. क्या कारण 5 दशक की समस्या 2 वर्ष में समाप्त हुई है. संकल्प लेने का साहस होता है. सरकार बदली और संकल्प बदल गया है. बस्तर के लोगों ने ठाना नक्सलवाद खत्म हो. नक्सलवाद के खत्म होने का पूरा श्रेय बस्तर के लोगों जाता है. आर्म्ड फोर्स के जवानों को जाता है. यह बात गृह मंत्री विजय शर्मा ने कही. एक दिन पहले संसद में नक्सलवाद पर हुई चर्चा के गवाह रहे उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री विजय शर्मा ने रायपुर लौटने के बाद राजधानी के पत्रकारों से चर्चा की. 31 मार्च तक निर्धारित समय में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है. पूरे देश के 75 प्रतिशत नक्सली छत्तीसगढ़ में थे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प लिया.
उन्होंने कहा कि नियत अवधि में 536 नक्सलियों को जवानों ने ढेर किया. 2900 नक्सलियों ने सरेंडर किया. जवानों ने अभियान चलाकर 2038 नक्सलियों को पकड़े. इस दौरान टोटल हथियार 1258 बरामद किए गए. इसमें AK-47, एसएलआर, इंसास, एलएमजी, 303 के साथ विदेशी हथियार में कार्बाइन और पिस्टल शामिल हैं. उन्होंने बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए एक तरफ जहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए 120 से ज़्यादा सुरक्षा कैंप बनाए गए. वहीं दूसरी ओर आदिवासी इलाकों में आम लोगों के जीवन को बेहतर करने के लिए नवीन पुल-पुलिया निर्माण के साथ संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए मोबाइल टावर बनाए गए हैं.

नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही गृह मंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया था. विपक्ष से सहयोग की आवश्यकता थी. बस्तर के समाज के प्रमुखों के साथ बैठता था. समाज के लोगों ने पुनर्वास कराया. कांकेर के नार्थ दक्षिण में एक प्रतिशत नक्सल रह गए हैं. जो वाद चल रहा था, वो बंदूक से हथियार से सरकार बनाने का था.



