3 करोड़ से अधिक की ठगी, शातिरों ने डॉक्टर और रिटायर्ड अधिकारियों के खातों में लगाई सेंध

दुर्ग। जिले में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है. जिले में एक दिन में तीन साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए.इनमें तीन करोड़ 42 लाख रुपए की ठगी की गई. पुलिस की साइबर सेल टीम अब बैंक खातों और मोबाइल नंबरो के माध्यम ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और बिट क्वाइन खरीदी को लेकर एक ही दिन में सुपेला और भिलाई नगर थाने में लगभग साढ़े 3 करोड़ 42 लाख रुपए की ठगी के केस दर्ज हुए है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सभी पीड़ित काफी पढ़े लिखे और बड़े अधिकारी हैं. कल ही भिलाई नगर थाने में ऑनलाइन ठगी के दो मामले दर्ज हुए थे. जबकि एक मामला आज सुपेला थाने में ऑनलाइन शिकायत के माध्यम से आया.

लेडी डॉक्टर से हुई 58 लाख से अधिक की ठगी

पहला मामला चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और हॉस्पिटल सेक्टर निवासी डॉ. लिपी चक्रवर्ती  के साथ हुआ है. लिपि ने बताया कि उनके साथ टेलीग्राम मोबाइल एप पर क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 58 लाख 43 हजार 900 रुपए की आनलाइन ठगी की गई. इसमें उन्हें एक गिरोह ने वाट्सअप और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से लाइक और सब्सक्राइब के बदले रुपये देने का लालच देकर क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट कराने का झांसा दिया और धीरे धीरे 58 लाख रुपये ठग लिए.

रिटायर्ड अधिकारी को 1 करोड़ से अधिक की चपत
दूसरा मामला बीएसपी के रिटायर्ड अधिकारी का है. उनसे 1.26 करोड़ की ठगी का मामला की गई. सूर्या विहार कालोनी जुनवानी निवासी बीएसपी के रिटायर्ड अधिकारी के साथ 1 करोड़ 26 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई है. 64 वर्षीय बीएसपी अधिकारी ने बताया कि वो शेयर ट्रेडिंग करता है. उसे एक वाट्सअप ग्रुप में जुड़ने के लिए लिंक आया. उसी ग्रुप के माध्यम से उसे एक शेयर ट्रेडिंग खरीदी का एप डाउनलोड करवाया गया था. जबकि

रिटायर्ड बैंक मैनेजर हुआ शिकार
तीसरा मामला रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 1.58 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है. भिलाई के हुडको क्षेत्र के निवासी एसबीआई के रिटायर्ड बैंक अधिकारी सुरेश चिदंबरम ने भिलाई नगर थाने में 1 करोड़ 58 लाख की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज कराया है. अधिकारी ने बताया कि उसने शेयर ट्रेडिंग के लिए गूगल में एक शेयर ट्रेडिंग एप को सर्च किया था. उसने जिस एप को लिंक से डाउनलोड किया था वो साइबर ठग का बनाया हुआ कॉपी एप था. उसने उस एप के जरिए धीरे धीरे करके 1.58 लाख की शेयर खरीदी की. इस दौरान उसके शेयर ट्रेडिंग एप में उसका वर्चुअल बैलेंस भी दिखाई देता था. जब उसने शेयर बेचकर पैसा निकालना चाहा तो वो अकाउंट में नहीं आया. इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और भिलाई नगर थाने में ऑनलाइन शिकायत की.

लालच के कारण हो रहे साइबर ठगी का शिकार
इस मामले में दुर्ग के एएसपी अभिषेक झा का कहना है कि लोग अधिक लालच के चक्कर में आकर साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं.  पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए जांच कर रही है. इसके लिए साइबर एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है. एएसपी अभिषेक झा ने लोगों से अपील की है कि कोई भी शेयर मार्केट में शेयर की खरीदी डीमेट अकाउंट के बिना नहीं होती है. अधिक लाभ के लालच में न आएं. ऑनलाइन शेयर खरीदी या बिटक्वाइन खरीदी से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें.ऐसा न करने पर ही लोग ठगी का शिकार होते हैं.

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