उतई। गुरुवार को उतई में आबंटन से अधिक निर्माण करने वाले अवैध निर्माण कार्य को सख्ती से कार्रवाई कर हटाया गया. इस दौरान बुलडोजर से अवैध अतिक्रमण को ढहाया गया. सुबह शुरू हुई कार्रवाई दिन भर चलती रही. जिसमें सैकड़ों पुलिस कर्मी से लेकर नगर पंचायत उतई के अधिकारी कर्मचारियों के अलावा राजस्व विभाग का अमला भीड़ा रहा. विवाद के बाद कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
बताया जाता है कि नगर पंचायत द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बाद भी कब्जाधारी खाली नहीं कर रहे थे. इसके चलते आवागमन करने वाले लोगों को बेहद परेशानी हो रही थी. इसे देखते हुए गुरुवार की सुबह से ही बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ दुकानों के निर्माण कार्य को हटाया गया. इस अवसर पर सीएमओ राजेंद्र नायक, इनी असीस सहित जनप्रतिनिधि व नागरिक उपस्थित थे.

दुर्ग में 40 करोड़ की लागत से बनेगा दूसरा फोरलेन
दुर्ग। दुर्ग शहर के भीतर दूसरा फोरलेन बनेगा. जेल तिराहा से मिनीमाता चौक तक 4073.10 लाख की लागत से यह फोरलेन बनाया जाएगा. इसका भूमिपूजन केबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने महापौर अलका बाघमार एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया गया.भूमिपूजन के अवसर पर महाराजा चौक पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार को दुर्ग शहर के भीतर दूसरे फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया गया. इस फोरलेन सड़क की लंबाई 4.75 किलोमीटर होगी. भविष्य और भी विकास कार्य को देखते हुए यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली खम्भे, पेयजल पाइपलाइन को व्यवस्थित किया जाएगा ताकि भविष्य में विकास कार्य में बाधा न आए) का कार्य भी किया जाएगा.
इस सड़क के बन जाने से शहर की बड़ी आबादी को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी. लोगों को सुरक्षित, सुगम और तेज आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी . यह सड़क दुर्ग शहर के यातायात तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. मंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए विकास के वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम है. भाजपा सरकार शहर के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है. दुर्ग की जनता का भाजपा के प्रति स्नेह, विश्वास और सहयोग ही दुर्ग शहर को निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर कर रहा है.कार्यक्रम को महापौर अलका बाघमार, जिला भाजपाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक तथा सभापति श्याम शर्मा ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एमआईसी सदस्य, पार्षद, जनप्रतिनिधि व स्थानीय नागरिक मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन पार्षद साजन जोसफ तथा आभार प्रदर्शन लीलाधर पाल ने किया.
विधायक रिकेश सेन ने खेल मैदान की नीलामी निरस्त करने दिए निर्देश
भिलाईनगर। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने जनभावनाओं और खिलाड़ियों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए संजय नगर तालाब के समीप स्थित खेल मैदान को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. विधायक की तत्काल पहल पर नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा प्रस्तावित व्यावसायिक नीलामी को निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, विधायक ने उक्त मैदान के कायाकल्प और खिलाड़ियों की सुविधाओं के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की है.
श्री सेन ने बताया कि आज सुबह संजय नगर वार्ड-6 के युवाओं ने उनसे भेंट कर गुहार लगाई कि निगम संजय नगर के खेल मैदान की नीलामी कर उसे लीज पर देने पहल कर रहा है. एमआईसी के प्रस्ताव बाद आनलाईन टेंडर प्रक्रिया चालू कर दी गई है. विधायक रिकेश सेन के संज्ञान में यह विषय आते ही वे तत्काल भिलाई निगम पहुंचे और प्रस्तावित टेंडर को तत्काल रोकने के निर्देश दिए.
विधायक ने स्पष्ट किया कि युवाओं और बच्चों के लिए खेलकूद का यही एकमात्र प्रमुख मैदान शेष है, जिसे किसी भी कीमत पर व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं दिया जाएगा. विधायक ने अपनी पहल में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में भी नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा दक्षिण गंगोत्री सर्कस ग्राउंड जैसी महत्वपूर्ण जमीनों को बेच दिया गया जिससे शहर में मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और युवाओं के खेल प्रशिक्षण के लिए जगह का अभाव हो गया है. संजय नगर के साथ हम ऐसा नहीं होने देंगे.प्रमुख निर्णय और घोषणाएं- नगर पालिक निगम के एमआईसी प्रस्ताव पर प्रस्तावित नीलामी प्रक्रिया को विधायक श्री सेन ने कमिश्नर से चर्चा कर तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं. श्री सेन ने कहा कि इस मैदान के विकास, बाउंड्री वॉल और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाओं हेतु विधायक निधि / प्रशासनिक मद से 1 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
केलाबाड़ी स्कूल में जादू टोना, जलाई गईं किताबें
दुर्ग। दुर्ग शहर स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला केलाबाड़ी परिसर में जादू-टोना से संबंधित पूजा-पाठ किए जाने का मामला सामने आया है. यह घटना जनवरी माह के अंतिम सप्ताह की है. हाल ही में स्कूल में चोरी तथा सामानों को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला भी प्रकाश में आया है. इसे लेकर स्कूल प्रबंधन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है.
स्कूल की प्रधान पाठिका शमा बेगम का कहना है कि 15 फरवरी की रात को स्कूल की किताबों को जला दिया गया. स्कूल में लगे नल, पंखा तथा अन्य सामानों क्षतिग्रस्त किया गया है. उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को परिसर में चुनरी, पुतला तथा बंदन फैला हुआ था. इसे लेकर लोग जादू टोना की आशंका कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक युग में यह केवल अंधविश्वास है.स्कूल में जादू टोना की भ्रामक खबर को लेकर जिला शिक्षा विभाग भी हाई अलर्ट में रहा . सहायक संचालक सीमा नायक ने खबर की वास्तविकता जानने दुर्ग बीईओ विनोद शुक्ला को निर्देश करते हुए प्रतिवेदन भेजने कहा दुर्ग बीईओ ने अपने अधीनस्थ एबीईओ राजेश्वरी चंद्राकर को जांच के लिए केलाबाड़ी स्कूल भेजा. एबीईओ राजेश्वरी चंद्राकर ने बताया कि रविवार की रात्रि को स्कूल की गेट का ताला तोड़कर चोर अंदर घुसे. ट्यूबलाइट सहित सामानों की चोरी की गई है. किताबों को जलाया गया है. टेबल भी तोड़े गए. पंखा के ब्लेड को मोड़ दिया गया है.उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पुलिस थाने को में दे दी गई है. एबीईओ राजेश्वरी चंद्राकर ने यह भी बताया कि 24 जनवरी को पूजा पाठ के नाम पर नींबू व अन्य सामान का उपयोग परिसर में किया गया था. स्कूल खोलते ही साफ सफाई कर दी गई थी.
म्यूल अकाउंट गैंग का खुलासा, 4 गिरफ्तार
भिलाईनगर . जामुल थाना अंतर्गत म्यूल खातों के जरिए साइबर ठगी में सहयोग के मामले में कुरूद के सीसीएम मेडिकल कॉलेज रोड पर छापामार कर जामुल पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318 (4), 317 (2), 3 (5) बीएनएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है.ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि 19 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गुप्ता जी के मकान पास कुछ लोग दूसरों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर अवैध लेन-देन कर रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्धों को पकड़ा. पूछताछ एवं तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 13 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 4 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 5,700 रुपए नगद बरामद किए गए.
जब्त खातों को समन्वय पोर्टल पर जांचा गया तो दो पासबुक और एक चेकबुक से जुड़े खातों में केरल, कर्नाटक, बिहार और गुजरात में साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज पाई गई. इस मामले में पुलिस ने आरोपी मोहम्मद अब्दुला राइन उर्फ अमन (24 वर्ष ) अहमद नगर कैंप- 02, छावनी, हिमांशु पटेल, (31 वर्ष) सेक्टर- 01, पुट्टा राकेश बाबू (27 वर्ष) भीमावरम, वेस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश व शुभम स्वाई (20 वर्ष) निवासी सुंदरगढ़ राउरकेला ओडिशा को गिरफ्तार किया है.
सिटी बस का सुधार नहीं करा रहे ठेकेदार
राजनांदगांव। दस साल पहले नगरनिगम को राज्य शासन द्वारा दस सिटी बसे संचालित करने की सौगात दी थी. लेकिन कमजोर प्लानिंग के चलते सभी बसे कंडम हो गई है. कोरोना काल के बाद बसों की सुधार को लेकर न ठेका कंपनी ने रूचि दिखाई और न ही प्रशासन स्तर पर गठित अर्बन समिति ने इसे गंभीरता से लिया. कुल मिलाकर करोड़ों रूपए की लागत से खड़ी सिटी बसे कंडम हो गई है.
करीब पांच करोड़ रूपए की लागत से नगरनिगम को मिले बीस सिटी बसों को पुनः शुरू कराए जाने की मांग उठने लगी है. भले ही शहर में सिटी बसे संचालित करने में प्रशासन नाकाम रहा है. लेकिन इसे लेकर ग्रामीण गांव तक चलाने की मांग कर रहे है. ताकि उन्हें गांव से शहर और मुख्यालय तक जाने सिटी बसों के जरिए सस्ती बस सुविधा का लाभ मिल सके.
राजनांदगांव में शुरूआती दौर में सिटी बसे अच्छी चल रही थी. खासकर ग्रामीण इलाको में तय किए गए रूट में बसे लगातार चल रही थी. लेकिन प्रशासन द्वारा सिटी बसों का संचालन का जिम्मा पहले से ही निजी बस चला रहे लोगो को दिए जाने के कारण यह महती योजना लापरवाही की भेंट चढ़ गई और आपस में ट्रांसपोर्टर उलझ गए. जिसके चलते आज तक सड़को पर सिटी बसे नही दिख रही है. प्रशासन ने बीस सिटी बसों को चलाने के लिए आधा दर्जन से अधिक रूट बनाए थे.
राजस्व वसूली अभियान के तहत निगम ने सील की 8 दुकानें
राजनांदगांव। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर नगर निगम द्वारा राजस्व वसूली में कडाई बरतते हुये प्रतिदिन कार्यवाही की जा रही है. साथ ही बकायादारों का नल विच्छेदनकर कुर्की हेतु अंतिम नोटिस जारी किया गया है. दुकाने स्वावलंबन सील करने की कड़ी में आज आडिटोरियम के बाजू में मुख्यमंत्री योजनांतर्गत निर्मित दुकानों में 7 दुकाने सील की गयी एवं नंदई के घरो से 8 नल कलेक्शन काटा गया.
वित्तीय वर्ष समाप्ति के अंतिम माह में लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली के लिये महापौर मधुसूदन यादव एवं निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा राजस्व विभाग की प्रतिदिन मानिटरिंग कर रहे है तथा बड़े बकायादारों को अपने बकाया करों का भुगतान करने राजस्व समझाईस दे रहे हैं. निर्देश पर तिवारी के नेतृत्व में निगम का अधिकारी राजेश अमला दुकानें सील करने एवं नल विच्छेदन की कार्यवाही कर रही है.
दुकानें सील करने की कड़ी में आज गौरव पथ स्थित आडिटोरियम के बाजू मुख्यमंत्री योजनांतर्गत की निर्मित स्वावलंबन दुकानों के दुकानदारो द्वारा नोटिस उपरांत भी अनुबंध नही कराकर किराया जमा नही किया जा रहा था. जिसपर कार्यवाही करते हुये 7 दुकानदारो द्वारा अनुबंध एवं किराये की बकाया राशि प्रति दुकान लगभग 1 लाख 10 हजार रूपये जमा नही करने पर उक्त दुकाने सील की गयी.
इसी प्रकार नंदाई के 8 करदाता जिन्होंने जलकर की राशि रूपये लगभग 1 लाख जमा नहीं करने पर 8 नल कनेक्शन काटा गया. आयुक्त विश्वकर्मा ने बताया कि शासन लक्ष्य के विरूद्ध सत प्रतिशत राजस्व वसूली किया जाना है, वसूली के लिये करदाताओं को करो का भुगतान करने अपील की जा रही है, बड़े बकायादारों को नोटिस दिया गया है, भुगतान नही करने की स्थिति में दुकाने सील करने तथा नल विच्छेदन की कार्यवाही की जा रही है. इसके अलावा कुर्की की भी तैयारी की जा रही है, उन्होंने करदाताओं से कहा कि, अपने बकाया कर एवं किराये की राशि का भुगतान समय पर कर अधिभार एवं निगम की कार्यवाही से बचे.
ऑडिट में मनमानी: चहेते आडिटरों की दो दर्जन समितियां
राजनांदगांव। सहकारी संस्थाएं द्वारा सोसायटियों के आडिट में जमकर मनमानी की जा रही है. आडिट को लेकर कई आडिटर इस बात का लेकर नाराज है कि उन्हें सिर्फ गिनी चुनी समितियां ही दी जाती है. जबकि ऐसे आडिटरा पर सवाल उठाए जा रहे है. जिन्हें दो दर्जन से अधिक सोसायटियों का जिम्मा सौंपा गया है.
उल्लेखनीय है कि सहकारी संस्थाएं द्वारा पंजीकृत समितियों का हर साल आडिट किया जाता है. इसके लिए आडिटरों को डीआर द्वारा समितियों के अनुसार क्षेत्र बांटा गया है. इसमें देखा गया है कि कई आडिटरों को मनमानी समितियों की जिम्मेदारी दी गई है तो कई आडिटरों को सिर्फ आधा दर्जन ही समितियां दी गई है. जिसे लेकर संस्था के आडिटर ही सवाल उठा रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि, डीआर द्वारा चेहतों आडिटरों को एकतरफ जिम्मेदारी दी गई है. खबर है कि डिटके नाम पर जमकर उगाही भी की जा रही है.
आडिटरों के सूची चस्पा
सहकारी संस्था के कार्यालय में डेढ़ दर्जन आडिटरों की सूची चस्पा की गई है. जिसमें बगैर तारीख के सूची में डीआर द्वारा आडिट के लिए आडिटर नियुक्त किए गए है. इस सूची में क्षेत्र के अनुसारआडिटरों को आडिट की जिम्मेदारी दी गई है. जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि कौन से आडिटरों को कहां का आडिट करना है. इस सूची को देखने से ऐसा लगता है कि सच में डीआर द्वारा आडिट के नाम पर आडिटरों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. इस संबंध में डीआर नारायण टंडन का कहना के संबंध में मुझे जानकारी नही है कि सूची है. कल देख लेता हूं.
इन आडिटरों को इतनी समिति
जानकारी अनुसार आडिटर अभय काढ़े को 26, रश्मि सोनी 16, शशिकांत श्रीवास 23, संध्या अग्रवाल सहा निरिक्षक 24, डोमेन्द्र हिरवानी सहायक विस्तारक 29, डेजी रानी सहा निरिक्षक 18, अनिल नंदे सहायक निरिक्षक 13, आलोक सिंह वरिष्ठ सहायक निरिक्षक 22, लोकनाथ महेश्वरी सहायक विस्तारक 30, मनीषा कुंजाम सहायक निरिक्षक 16, स्नेहा तारम वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक 13, देवकन्या देशलहरा 17, केके चंद्रवंशी 26 और गजेन्द्र सिंह जगत 7 समिति दी गई है.
करोड़ों खर्च करने के बाद भी आउटर से लगे क्षेत्रों में अभी भी टैंकरों से जलापूर्ति
राजनांदगांव। राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आउटर से लगे वार्डों में अभी भी से जलापूर्ति कराने की मजबूरी बनी टैंकरों हुई है. शादी सीजन शुरू हो जाने के बाद से भी अधिक से अधिक टैंकरों की बुकिंग बताई जा रही है. इस प्रकार से प्रतिदिन इन 40 से 50 खेप पानी टैंकरों से पहुंचाया जा रहा है. वर्तमान में राजनांदगांव शहर में प्रतिदिन 4 करोड़ लीटर पानी की खपत बताई जा रही है.
ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 51 वार्ड में पेयजल व्यवस्था सुरक्षित कराने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से अमृत मिशन योजना के अंतर्गत पाइप लाइन का विस्तार सुनिश्चित कराया गया है. नगर निगम द्वारा प्रतिदिन सुबह और शाम के समय शहर के सभी वार्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है. 45000 से अधिक शहर केनल कनेक्शन होने के बाद भी दर्जनभर वार्ड के भीतरी क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी हुई है. विशेष रूप से नवागांव, बापू टोला, बीड़ी श्रमिक कॉलोनी, नया और पुराना ढाबा, 16 खोली से लेकर कन्हारपुरी, चिखली, शांति नगर, बसंतपुर, लखोली, राजीव नगर, लखोली नंदई क्षेत्र में पानी की किल्लत होने के कारण अभी से ही यहां पर टैंकर पहुंचाएं जा रहे हैं.
खास बात यह कि नगर निगम द्वारा पेयजल समस्या का समाधान सुनिश्चित कराने के लिए अमृत मिशन योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर पाइपलाइन का विस्तार सुनिश्चित कराया गया है. उसके बाद भी पटरी पार क्षेत्र के साथ-साथ आउटर से लगे वार्डों में अभी भी पानी की किल्लत बनी हुई है. नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र के साथ-साथ मांग करने पर प्रतिदिन 25 से 30 टैंकरों से जलापूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में की जा रही है. शादी सीजन में भी अधिक से अधिक टैंकरों की बुकिंग बताई जा रही है.
प्रभावित क्षेत्रों में ही भेजे जा रहे हैं टैंकर – मेश्राम
नगर निगम जल विभाग के प्रभारी प्रणव मेश्राम का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में ही टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है. शादी सीजन में भी टैंकरों की अधिक से अधिक बुकिंग है भीषण गर्मी पड़ने पर ही किराए में टैंकर लिए जाते हैं. वर्तमान में उपलब्ध टैंकरों से ही जलापूर्ति की जा रही है.
संजीवनी एक्सप्रेस खुद ही बीमार, जिले में दौड़ रहे सिर्फ 9 वाहन, वह भी कंडम
राजनांदगांव। आम लोगों को बीमारी से बचाने संजीवनी का कार्य करने के उदेश्य से शुरू की गई ही बीमार है. 108 वाहन इन दिनों खुद जिले में पूर्व में दर्जनभर 108 वाहन संचालित हो रहे थे, लेकिन वर्तमान में सिर्फ नौ वाहन ही दौड़ रहे है. उसमें भी एक वाहन खराब है. जबकि अन्य वाहन जिला अस्पताल के सामने कबाड़ की स्थिति में है.
राज्य की संजीवनी भाजपा सरकार द्वारा वर्ष 2011 में एक्सप्रेस की सेवा शुरू की गई थी. राजनांदगांव में नौ वाहन संचालित हो रहे है. वर्तमान में रायपुर की जय अंबे कंपनी द्वारा वाहनों का संचालन किया जा रहा है. शुरूआती दौर में दर्जनभर वाहन संचालित हो रहे थे, लेकिन वर्तमान में समय पर वाहनों को मेटेनेंस नही होने के कारण सिर्फ नौ वाहन संचालित हो रहे है. जिसमें से एक वाहन खराब हो गई है. जिला अस्पताल के सामने करीब आधा दर्जन संजीवनी वाहन और दर्जनभर महतारी एक्सप्रेस वाहन T कंडम हो रहीहै. ठेका कंपनी को टेंडर के दौरान इन वाहनों का मेटेनेंस करना होता है.
लेकिन ज्यादा 108 वाहनों के खराब होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को खराब वाहन हैंडओव्हर कर दिए गए है. लेकिन इसके कोई प्लानिंग नही की जा रही सुधार के लिए है. यही कारण है कि लाखों रूपए के वाहन कबाड़में तब्दीलहो रहे है. जिला संजीवनी वाहन के प्रभारी तुलसी ने बताया कि जिले में सभी नौ वाहन संचालित हो रहे है. जिले में संजीवनी वाहन के खराब होने के बाद जिले में सुधार कार्य का कोई प्रावधान नही है. जिसके चलते भी समय पर वाहनों का मरम्मत कार्य नहीं हो पाता है.
कबाड़ हो वाहन रही दो दर्जन जिला अस्पताल के सामने बहुद्देश्यीय आवासीय भवन में दो दर्जन से अधिक संजीवन और महतारी एक्सप्रेस कबाड़ की स्थिति में रखी गई है. जायजा लेने पर पता चला कि कई वाहनों की स्थिति अच्छी है, लेकिन मेटेनेंस नही होने के कारण वाहन रखे रखे खराब हो रह है. एक वाहन चालक ने नाम नही छापने के शर्त में बताया कि, वाहन का समय पर मेटेनेंस तत्काल मौके पर पहुंचने में परेशानी का नही कराया जाता है. जिसके चलते सामना करना पड़ता है.



