यह भारत है, नॉर्थ कोरिया नहीं… शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की आत्मा है,’ राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस मेंबर्स के शर्टलेस प्रोटेस्ट पर पीएम मोदी की कार्रवाई की आलोचना करते हुए उन्हें ‘Compromised PM’ बताया

दिल्ली में आयोजित एआई समिट (AI Summit) के दौरान यूथ कांग्रेस मेंबर्स के शर्टलेस प्रटेस्ट (Youth Congress members Shirtless Protest) के खिलाफ पुलिस एक्शन पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भड़क गए हैं। यूथ कांग्रेस मेंबर्स के खिलाफ एक्शन पर पीएम मोदी की आलोचना करते हुए लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि PM मोदी की सरकार और नॉर्थ कोरिया के तानाशाही शासन एक जैसा है। ये इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं। शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा है। राहुल ने ये बातें शिमला से गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली वापस लाने की इजाजत मिलने के बाद कही है।

सोशल मीडिया एक्स पर राहुल गांधी ने लिखा कि- आज भारत में Compromised PM के राज में शांतिपूर्ण विरोध करना ही सबसे बड़ा “अपराध” बना दिया गया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे-धीरे ऐसी दिशा में धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जाता है। सोचिए – मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज़ उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमा और जेल – यह लगभग तय है।


आज भारत में Compromised PM के राज में शांतिपूर्ण विरोध करना ही सबसे बड़ा “अपराध” बना दिया गया है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे-धीरे ऐसी दिशा में धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जाता है।
सोचिए – मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 26, 2026

राहुल गांधी ने आगे लिखा कि-पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाई – जवाब मिला लाठियों से। देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने BJP के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जाँच की मांग की। उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया, और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया। एक बलात्कार पीड़िता के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। न्याय की माँग को व्यवस्था के लिए “असुविधा” मानकर हटा दिया गया। युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले US Trade deal का शांतिपूर्ण विरोध किया तो उन्हें “देशविरोधी” बताकर गिरफ्तार कर लिया। जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तो पर्यावरण की चिंता को भी “राजनीति” कहकर दबा दिया गया। जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया। आँसू गैस, रबर की गोलियाँ, पानी की बौछारें और लाठियाँ – यही संवाद का माध्यम बना।

उन्होंने आगे लिखा- जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नज़र डाली गई – मानो अपने अधिकार माँगना अपराध हो। यह कैसा लोकतंत्र है, जहां Compromised PM सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है? शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं – लोकतंत्र की आत्मा है। सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं – उसकी ताकत है। लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है, जवाब देती है और जवाबदेह रहती है। मोदी जी, ये North Korea नहीं, भारत है। जब सत्ता खुद को राष्ट्र समझने लगे और असहमति को दुश्मन – तब लोकतंत्र मर जाता है।

शर्टलेस प्रोटेस्ट मामले में अब तक 11 गिरफ्तारी

बता दें कि दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट के सिलसिले में कांग्रेस के 3 और कार्यकर्ताओं को हिमाचल प्रदेश से हिरासत में ले लिया गया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल टीम ने सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को शिमला में पकड़ा और वहां एक लोकल कोर्ट में पेश किया। अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है।





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