रजिस्ट्री से 30 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त… पंचायत सचिव निलंबित… करंट लगने से निरीक्षक की मौत, 1 करोड़ की सहायता घोषित… गौ तस्करी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

अंबिकापुर. अंबिकापुर उप पंजीयन विभाग ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने के एक माह पहले ही तीस करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व शुल्क प्राप्त किया है. वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अब मात्र एक माह का समय शेष रह गया है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में पंजीयक विभाग को शासन से लक्ष्य नहीं मिला है. पंजीयक विभाग के द्वारा गत वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को ही मौजूदा वित्तीय वर्ष का लक्ष्य मानते हुए राजस्व प्राप्ति में ताकत झोंक दिया गया है. कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उप पंजीयक विभाग में वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक 5743 दस्तावेजों से 30 करोड़ दस लाख 27 हजार 36 रूपए का राजस्व प्राप्त किया है. वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6912 दस्तावेजों से 37 करोड़ 39 लाख 29 हजार 754 रूपए का आय प्राप्त हुआ था. उप पंजीयक अलबर्ट कुजूर के मुताबिक हर रोज दस्तावेजों के लिए 30 से 35 अपाइमेंट आ रहे हैं. इस बार गत वित्तीय वर्ष की तुलना में अधिक राजस्व प्राप्ति का अनुमान है.



पंचायत सचिव को किया गया निलंबित


बलरामपुर. ग्राम पंचायत चैनपुर के पंचायत सचिव स्पात राम ने हितग्राही रिखू राम के पीएम आवास के निर्माण की राशि जारी करने की एवज में एक लाख रुपये की वसूल लिए. जनदर्शन में शिकायत मिलने पर जिला पंचायत सीईओ ने जांच करवाई. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर पंचायत सचिव स्पात राम को निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि में इसका मुख्यालय जनपद पंचायत कुसमी रहेगा. अंबिकापुर. सरगुजा पुलिस रेंज अंतर्गत जशपुर जिले में थाना प्रभारी नारायणपुर के पद पर पदस्थ निरीक्षक रामसाय पैकरा का निधन अपने पैतृक गाँव में करेंट लगने से 27 जुलाई को हो गया था. उन्होंने मध्यप्रदेश के जिला खरगोन से एक जून 1983 को आरक्षक के पद से पुलिस विभाग में नौकरी शुरू की थी. पदोन्नत होते हुए 2014 में निरीक्षक बने थे. वर्तमान में जिला जशपुर में वर्ष 2022 से पदस्थ थे. रिटायरमेंट के 6 माह पूर्व उनका असमय निधन हो गया.


छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के पुलिस कर्मियों के भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी निःशुल्क पुलिस सैलरी पैकेज के तहत भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू किया गया है. जिसके तहत स्वः निरीक्षक रामसाय पैकरा के नामिनी पत्नि मुनेश्वरी पैकरा को एक करोड़ रूपये का जीवन बीमा सहायता चेक एसबीआई के उप महाप्रबंधक बिलासपुर आलोक रंजन, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक अंबिकापुर अविनाश पाणिग्रही, मुख्य प्रबंधक एसबीआई अंबिकापुर शिरीष गीर एवं मुख्य प्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय अंबिकापुर चंदन राठौर द्वारा उनके परिजनों को उनकी जीवन बीमा की चेक सौपा गया. इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के द्वारा बैंक से आये सभी बैंक अधिकारियों को सहयोग प्रदान करने हेतु उन्हें धन्यवाद दिया गया. यह सहायता न केवल परिवार को वित्तीय संबल के रूप में बल्कि विभागीय संवेदना व विभागीय उत्तरदायित्व के प्रतीक के रूप में प्रदान की गई.


एसबीआई निःशुल्क पुलिस सैलरी पैकेज योजना पुलिस विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुये एमओयू.के तहत संचालित एक कल्याणकारी योजना है. इस योजना के तहत जिन पुलिसकर्मियों के वेतन खाते एसबीआई में संचालित होते है. पुलिस कर्मी के दुर्घटना पर आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके वैद्य नामिनी को 01 करोड़ रूपये का जीवन बीमा कवर, सामान्य मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रूपये का जीवन बीमा कवर प्रदान किये जाने का प्रावधान है. बिलासपुर से आये एसबीआई के उप महाप्रबंधक बिलासपुर श्री आलोक रंजन एवं एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक अंबिकापुर अविनाश पाणिग्रही द्वारा विभाग से अपील की गई है कि सभी अधिकारी/कर्मचारी अपने वेतन खाते को अनिवार्य रूप से निःशुल्क पुलिस सैलरी पैकेज के तहत रजिस्ट्रेशन करवाकर अपने परिवार का जीवन सुरक्षित करायें. जिस दौरान पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा द्वारा एसबीआई के अधिकारियों को रेंज के समस्त पुलिस सैलरी पैकेज के तहत लंबित प्रकरणों के निराकरण कर वैद्य नामिनी को नियमानुसार सहयोग प्रदान करने हेतु चर्चा किया गया.


गौ तस्करी में दो आरोपी गिरफ्तार

बलरामपुर. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम आरा के कुछ लोग झारखण्ड के मवेशी तस्करों से सांठ-गांठ कर मवेशियों को बुचड़खाना में ले जाने के लिए इकटठा किये हैं और झारखण्ड से मवेशी तस्करों को पिकप से मवेशी ले जाने के लिए बुलाये हैं. सूचना पर चौकी प्रभारी बरियों द्वारा तस्दीक हेतू स्टॉफ को लेकर ग्राम आरा सरनापारा में गये जहां गागर नदी किनारे जंगल के पास एक सफेद रंग का पिकप कमांक JH-03-AM-4025 दिखा जिसमें कुछ लोग मवेशी को लोड कर रहे थे. जिसे घेराबंदी किया गया जो पुलिस को आते देख कर मवेशी तस्कर पिकप वाहन कमांक JH-03-AM-4025 को छोड़कर भाग गये. पिकप वाहन में 04 नग मवेशी जिनके चारों पैर व मुंह कुरता पूर्वक बांधे हुए थे. मवेशी के पैर व मुंह को ग्रामीणों की मदद से खोला गया. पिकप वाहन कमांक JH-03-AM-4025 के चालक और मवेशी तस्करों का कृत्य पशु कुरता निवारण अधिनियम की धारा 11 (1) घ एवं छ.ग. कृषक पशु परि. अधि. की धारा 4,6,10 का अपराध घटित करना पाये जाने से पिकप वाहन एवं मवेशियों को समक्ष गवाहान के जप्ती किया गया.


विवेचना के दौरान जप्तशुदा पिकअप वाहन स्वामी का पता आरटीओ कार्यालय के माध्यम से करते हुए आरोपियों की पता तलाश के दौरान 24 दिसंबर को आरोपी चालक तहकीक अंसारी पिता इंदु अंसारी उम्र 24 वर्ष निवासी मानपुर थाना रंका जिला गढवा झारखण्ड को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है. प्रकरण में जप्तशुदा पिकप वाहन के वाहन स्वामी त्रिवेणी प्रजापति के बारे में मुखबिर सूचना मिला कि त्रिवेणी प्रजापति अपने भाई बिशुनधारी के साथ ट्रक गाड़ी लेकर ग्राम ककना शांति राईस मिल में आये हुए हैं. सूचना मिलने पर ग्राम ककना राईस मिल के पास से आरोपी त्रिवेणी प्रजपाति को तलब चौकी लाये. घटना के बारे में पूछताछ किया गया जो जप्तशुदा पिकप कमांक JH-03-AM-4025 को अपना होना बताया और घटना दिनांक 19 मई 2025 को आबीद मिंया निवासी सोनपुरवा थाना रंका के बुकिंग पर चालक तहकीक अंसारी के द्वारा पिकप वाहन को छत्तीसगढ़ में मवेशी परिवहन के लिए लाना बताया. आरोपी के विरूद्ध धारा सदर का अपराध घटित करना पाये जाने से 13 फरवरी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है.





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