रायगढ़. जिले के सामाज सेवक और लगातार जनहित के मुद्दों को उठाने वाले दीपक शर्मा ने गारे पलमा में हुई घटना को लेकर जिंदल ग्रुप, जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई है। श्री शर्मा ने इनकी कार्य प्रणाली पर कई सवाल दागे हैं।
दीपक शर्मा ने कहा कि.
गारे–पलमा सेक्टर-1 में जिंदल कंपनी की यह पुरानी आदत रही है कि वह
जिला पुलिस और प्रशासन को आगे कर अपनी मनमानी जनसुनवाई करवाए.
आज फिर वही खेल दोहराया जा रहा है.
लेकिन प्रशासन को याद रखना चाहिए
यह क्षेत्र आदिवासी अनुसूचित क्षेत्र है
PESA कानून लागू है
और यहाँ ग्राम सभा सर्वोच्च है
न कि कोई कंपनी न कोई कॉर्पोरेट दबाव.
फिर भी गारे-पलमा में फर्जी रिपोर्टें
फर्जी ग्राम सभाएँ और हजारों पुलिस बल की तैनाती.
क्या यही लोकतंत्र है..?
प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि जनता की आवाज़ दबाना
कभी भी समाधान नहीं होता खासकर तब जब मामला जल-जंगल-ज़मीन और आदिवासी अस्तित्व से जुड़ा हो.
जिला प्रशासन को समझदारी से जनहित के पक्ष में निर्णय लेना चाहिए
और जिंदल के दबाव में नहीं आना चाहिए क्योंकि PESA, 5वीं अनुसूची और संविधान का सम्मान होना न्यायसंगत होगा.
आदिवासी क्षेत्रों को युद्धभूमि न बनाएं यह संवेदनशील भूमि है.
क्योंकि इतिहास गवाह है.
कॉर्पोरेट बदलते हैं लेकिन जनता और उसके अधिकार हमेशा रहते हैं।



