'OMG' ओह नो: कंधों पर तीन सितारा लेकिन मातहती थोपे जाने से छाई मायूसी.

बिलासपुर. बुधवार एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले की पुलिसिंग में एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया। जिससे कुछ टीआई बड़े मायूस है, कारण कि उन्हें शहर में सीएसपी और देहात में एसडीओपी के हवाले अंडर कंट्रोल कर कानून व्यवस्था में लगा दिया गया है हालांकि कि ऐसा इसलिए भी कि बढ़ते शहर को देखते हुए प्रहार पुलिसिंग के लिए आवश्यक और जायज भी है लेकिन कंधों पर तीन सितारा लगाए कुछ थानेदारों को यह रास नहीं आ रहा है। ऐसे में कप्तान के फरमान के आगे मायूस थानेदारो के दुखती रख पर कोई हाथ नहीं रख पा रहा और खुलकर कुछ बोल तो नहीं पा रहे हैं लेकिन विभाग में चर्चा है कि इससे अच्छा तो पुलिस लाइन में ही रख देते।


छत्तीसगढ़ के दुसरे बड़े जिले न्यायधानी में शायद पहली बार ऐसा आदेश निकला है जिससे थानेदारों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह बीते बुधवार जिले की प्रहार पुलिसिंग में बड़ा बदलाव किया। कई टीआई को अभयदान दिया तो कुछ को पटरी से उतारा एसएसपी सिंह ने कुछ एक का चार्ज भी बदला शहर से लेकर देहात तक पुलिसिंग की प्रशासनिक कसावट को टाइट किया।


लेकिन इस आदेश में जिन थानेदारों को सीएसपी, एसडीपीओ के अंडर कंट्रोल कर कानून व्यवस्था में लगा दिया उनकी मायूसी की चर्चा जोरो पर है। ऐसा नहीं है कि जानबूझकर इसकी मातहती तय की गई है शहर के बदलते स्वरूप, क्राइम का ग्राफ, रैली, आंदोलन,भीड़ और पब्लिक की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसिंग को लेकर चुस्त और गंभीर एसएसपी ने चार टीआई को अंडर कंट्रोल कर कानून व्यवस्था में लगाया है। लेकिन कंधों पर तीन सितारा लगाए थानेदारों को बड़े साहब का यह आदेश रास नहीं आ रहा है। पुलिस विभाग में चर्चा है कि इससे अच्छा तो पुलिस लाइन में की रख देते, 'हमारा क्या कसूर '..


कुछ एक को मौका.


अपने अंदाज में पुलिसिंग को लेकर गंभीर माने जाने वाले एसएसपी रजनेश सिंह ने इस बार कुछ एक मौका भी दिया है। विभाग में ऐसी चर्चा आम और खास हो चुके नाम को समझा कर काम करने वो भी दिन और रात भिड़े रहने का चार्ज देकर ताकीद किया है यह वो इशारा है कि अब भी संभल जाओ वरना,वही दूसरी तरफ ऐसा भी कहा जा रहा है कि शांत और किसी तरफ के बिना दाग लगे थानेदारों को एसएसपी ने साइड लाइन किया है,हो सकता है कि उनके काम से जिले की पुलिसिंग के बड़े साहब नाखुश हो.


नहीं चला पैंतरा.


जिले में एक ऐसा थानेदार भी है जिसे काफी पैंतरे बाज कहा जाता है। प्रदेश की विष्णु सरकार में राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले थानेदार को एसएसपी ने पहले बड़ा और अच्छा मौका दिया था। लेकिन उनकी पैंतरेबाजी और काम के प्रति लापरवाही को देखते हुए इस बार शहर में सीएसपी के हवाले धचेड़ दिया है। सीएम के गृह जिले से आए एक टीआई को भी एसएसपी ने साइड लाइन किया है वहीं थाने की कुर्सी पाने की आस में लुपलाइन में चल रहे थानेदारों को एसएसपी ने चार्ज देकर काम करने का मौका दिया है इधर शहर के रेल्वे इलाके काफी दिनों से टिके एक और थानेदार के कामकाज पर एसएसपी की नजर थी जिसे भी सीएसपी के हवाले कानून व्यवस्था में लगाया गया है।








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