• छतौना रोड़ स्थित पॉश कॉलोनी में बेशकीमती पेड़ों की कटाई से पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश.
•रोजाना हो रहा विवाद; वन विभाग और कॉलोनी प्रबंधन की खामोशी ने खड़े किए गंभीर सवाल.
बिलासपुर. शहर में विकास और व्यवस्थाओं के नाम पर हरियाली को बचाने के दावे खूब किए जाते हैं, लेकिन छतौना रोड स्थित इंदु इमेजिका कॉलोनी में तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है। यहां हरे-भरे और बेशकीमती पेड़ों पर बेरहमी से आरी चलाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि पेड़ों की कटाई किसके आदेश पर और किसकी अनुमति से हो रही है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। कॉलोनी के पर्यावरण प्रेमी इस कथित हरित विनाश का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय पेड़ काटने वालों से रोजाना विवाद की नौबत बन रही है।
'OMG NEWS' में देखिए पेड़ो पर चल रही आरी की एक्सक्लूसिव तस्वीरें.

सवाल.
1. किसके इशारे पर चल रही आरी?
इंदु इमेजिका कॉलोनी में एक के बाद एक पेड़ों की कटाई हो रही है। सवाल यह है कि आखिर इन पेड़ों को काटने का आदेश किसने दिया? क्या इसके लिए सक्षम विभाग से अनुमति ली गई है या फिर किसी के संरक्षण में मनमाने तरीके से हरियाली उजाड़ी जा रही है?
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2. विरोध करने वालों से रोजाना टकराव
कॉलोनी के पर्यावरण प्रेमी पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि हरे-भरे पेड़ों को बचाने के बजाय उन्हें खत्म किया जा रहा है। विरोध के चलते पेड़ काटने वालों और पर्यावरण प्रेमियों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
3. वन विभाग की चुप्पी पर सवाल
पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बावजूद वन विभाग की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या विभाग को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है? आखिर जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच क्यों नहीं कर रहे?
4. कॉलोनी प्रबंधन ने क्यों साधी चुप्पी?
कॉलोनी के भीतर पेड़ों की कटाई हो रही है, लेकिन प्रबंधन की ओर से भी स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। क्या प्रबंधन की सहमति से पेड़ काटे जा रहे हैं या फिर प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं है? दोनों ही स्थितियों में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
5. पर्यावरण संरक्षण के दावे सिर्फ कागजों पर?
एक तरफ शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण अभियान चलाए जाते हैं, दूसरी तरफ वर्षों पुराने पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है। सवाल यह भी है कि नए पौधे लगाने के दावों के बीच पहले से मौजूद पेड़ों को बचाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
6. जांच और कार्रवाई का इंतजार
अब जरूरत इस बात की है कि वन विभाग और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर पेड़ों की कटाई की वास्तविकता जांचें। कटाई की अनुमति, आदेश और उसके पीछे जिम्मेदार लोगों की भूमिका सार्वजनिक होनी चाहिए। यदि बिना वैधानिक अनुमति पेड़ काटे जा रहे हैं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।
शुक्रवार को भी हुआ विवाद.
मिल रही जानकारी के अनुसार कॉलोनी में पेड़ों की बेहिसाब कटाई को लेकर आज भी कॉलोनी वासियों का पेड़ों पर आरी चला रहे अनजान दरिदों से जमकर विवाद हुआ है इसके बाद भी पेड़ो को काटने का काम बंद नहीं हुआ।