राजनंदिनी हत्याकांड में नया मोड़: CJM कोर्ट ने आरोपियों की न्यायिक रिमांड खारिज की, परिजनों ने कलेक्टर से मांगा न्याय

रायपुर। मुंगेली जिले के नेवासपुर गांव में राजनंदिनी मोहले हत्याकांड के मामले में CJM न्यायालय ने आरोपियों का न्यायिक रिमांड आवेदन खारिज कर दिया है। न्यायिक रिमांड खारिज होने पर परिजनों ने आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत सिटी कोतवाली थाने में दी है। साथ ही उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर त्वरित और निष्पक्ष जांच, आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उठाई न्याय की मांग

मृतिका के दादा उत्तम मोहले, अन्य परिजन, ग्रामीण और सरपंच ने 23 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राजनंदिनी की मौत के मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में परिवार की आर्थिक स्थिति और घटना के बाद उत्पन्न भय के माहौल का उल्लेख किया गया है।

ज्ञापन के मुताबिक, उत्तम मोहले रोजी-मजदूरी करते हैं। उनकी 17 वर्षीय नातिन राजनंदिनी अपने छोटे भाई रणवीर के साथ ग्राम नेवासपुर स्थित घर में रहती थी, जबकि उसके माता-पिता आजीविका कमाने के लिए हैदराबाद गए हुए थे। परिवार ने आरोप लगाया है कि 19 और 20 अक्टूबर की दरमियानी रात अजीत घृतलहरे और साहिल खाण्डे ने घर में घुसकर राजनंदिनी की गला दबाकर हत्या कर दी। ज्ञापन में मृतिका के गले पर चोट और खरोंच के निशान के साथ हाथ-पैर पर धब्बे होने का भी उल्लेख किया गया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होनी है।

गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, सुरक्षा और आर्थिक सहायता की मांग

ज्ञापन में परिवार ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। परिवार के अनुसार, माता-पिता आजीविका के लिए घर से दूर रहते हैं और घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है।

परिजनों ने गांव में असुरक्षा की भावना होने की बात कहते हुए परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उनकी मांग है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और किसी भी प्रकार के दबाव या भय के बिना कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़े। एक नाबालिग बेटी को खोने के बाद परिवार के सामने दुख के साथ-साथ भविष्य की चिंता भी खड़ी है। ऐसे में प्रशासन से आर्थिक सहायता और सुरक्षा की मांग ज्ञापन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

रिमांड आवेदन खारिज होने के बाद धमकी मिलने की शिकायत

राजनंदिनी हत्याकांड में CJM न्यायालय द्वारा आरोपियों का न्यायिक रिमांड आवेदन खारिज किए जाने के बाद मृतिका के परिजनों ने जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है। परिजन राजमल मोहले ने 23 अक्टूबर को सिटी कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।

शिकायत के अनुसार, राजमल मोहले को जानकारी मिली कि अजीत घृतलहरे और साहिल खाण्डे ने रास्ते में रोककर गाली-गलौज की और उनके भाई रणवीर सहित परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस जानकारी के बाद से वह और उनका पूरा परिवार भयभीत है।

उन्होंने पुलिस से संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस शिकायत के बाद परिवार की सुरक्षा का मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है। ध्यान देने की बात ये है कि धमकी से संबंधित बातें शिकायतकर्ता के आरोप हैं। घटना की स्वतंत्र पुष्टि और शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।

न्यायालय ने रिमांड आवेदन किया खारिज, विवेचना अधिकारी से स्पष्टीकरण के निर्देश

इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए प्रस्तुत आवेदन खारिज कर दिया था। उपलब्ध न्यायालयीन आदेश के अंश के अनुसार, आरोपियों के कथन लिए जाने के समय का उल्लेख नहीं होने संबंधी प्रक्रियागत कमी सामने आई। न्यायालय ने दर्ज कारणों के आधार पर न्यायिक रिमांड स्वीकृत करना उचित नहीं माना।

आदेश में विवेचना अधिकारी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक नवीन कुमार से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही आदेश की प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर और पुलिस महानिदेशक रायपुर को भेजने का उल्लेख है। न्यायालय ने आरोपियों को 25-25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा किए जाने का आदेश दिया। आदेश में विवेचना में सहयोग करने, साक्षियों को प्रभावित नहीं करने और न्यायालय द्वारा बुलाए जाने पर उपस्थित होने जैसी शर्तों का उल्लेख है। विवेचना पूरी होने पर अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश भी दर्ज बताया गया है।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि रिमांड आवेदन खारिज होने का अर्थ आरोपियों का दोषमुक्त हो जाना या हत्या का मामला समाप्त होना नहीं है। आगे की कार्रवाई न्यायालयीन आदेशों और विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार होनी है।

सोशल मीडिया पर भी न्याय की मांग

मामले में बसपा नेता शेखर नवरंग ने भी ग्राम नेवासपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने घटना की जानकारी ली और परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। सोशल मीडिया पोस्ट अनुसार, न्याय की मांग करते हुए उन्होंने आरोपियों की रिहाई के घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

शेखर नवरंग ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, न्यायालय के आदेश को लेकर उनकी प्रतिक्रिया उनके व्यक्तिगत बयान के रूप में ही प्रस्तुत की जा रही है। रिमांड आवेदन खारिज होने का कानूनी प्रभाव न्यायालयीन आदेश और लागू प्रक्रिया के अनुसार ही समझा जाना चाहिए।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

राजनंदिनी की मौत के मामले में पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने कलेक्टर से न्याय, आर्थिक सहायता और सुरक्षा की मांग की है। वहीं, धमकी की शिकायत के बाद पुलिस के सामने परिवार की सुरक्षा संबंधी चिंता पर नियमानुसार कार्रवाई करने का विषय भी है। अब महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर क्या कदम उठाता है, धमकी की शिकायत पर पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप विवेचना को किस तरह पूरा किया जाता है। एक परिवार ने अपनी नाबालिग बेटी को खोया है। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की जाए और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। परिवार को सुरक्षा और जरूरी सहायता उपलब्ध कराना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय है।

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