जिला बदर वकील पर धमकी देने का आरोप: पंचायत प्रतिनिधियों ने सुरक्षा की मांग को लेकर SP और कलेक्टर से लगाई गुहार

सोनहत/कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के ग्राम पंचायत सोनहत से एक मामला सामने आया है, जहां जिला बदर वकील की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों को लल्ला सिंह जैसा कांड कर देने की धमकी दी जा रही है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) से मदद की गुहार लगाई है।


भौगोलिकसंदर्भ

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बता दें कि हाल ही में नौगई तिहारे में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड हुआ था, जिसमें एक कार के भीतर तीन लोगों को जिंदा जला दिया गया था और मौके पर ही लल्ला सिंह की तड़प-तड़प कर मौत हो गई थी। अब उसी रूह कंपा देने वाली वारदात का हवाला देकर सोनहत की महिला सरपंच और पंचों को डराया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

सरपंच का आरोप

​ग्राम पंचायत की सरपंच का आरोप है कि धमकी देने वाला कोई आम बदमाश नहीं बल्कि पेशे से एक अधिवक्ता है, जिसके खिलाफ पूर्व से कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और जो जिला बदर की सजा भी काट चुका है।

बेखौफ आरोपी ने 48 घंटे में दो बार दी चुनौती

पहली वारदात: पंचायत भवन सोनहत में ​30 जून को पंच-सरपंचों की आवश्यक बैठक चल रही थी। इसी दौरान आरोपी राजेन्द्र प्रसाद साहू भीतर घुसा और महिला सरपंच के साथ गाली-गलौज कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मामले की शिकायत सोनहत थाने में दर्ज कराई गई।

दूसरी वारदात: पुलिसिया कार्रवाई से बेखौफ आरोपी ने महज दो दिन बाद ​2 जुलाई को दोबारा सरपंच का रास्ता रोका, अभद्र व्यवहार किया और FIR कराने का अंजाम भुगतने की धमकी दी।

महिला सरपंच की गुहार

​लगातार मिल रही धमकियों और मंडराते खतरे को देखते हुए सरपंच मानमती सिंह ने कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक कोरिया को लिखित आवेदन सौंपकर अपने परिवार और पंचायत भवन की सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई है। साक्ष्य के रूप में पुलिस को वीडियो फुटेज भी सौंपे गए हैं।

आरोपी की ​अपराध कुंडली

​पुलिस रिकॉर्ड के पन्ने पलटें तो आरोपी राजेन्द्र प्रसाद साहू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरिया द्वारा 19 जनवरी 2023 को जारी आदेश के तहत राजेंद्र प्रसाद साहू को उसकी लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया था। वर्ष 2018 से 2023 के बीच आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, गाली-गलौज और शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे 6 गंभीर मामले दर्ज हुए। इनमें से कुछ में कोर्ट से उसे सजा भी हो चुकी है। साल 2026 में ताजा घटना के बाद थाना सोनहत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3) एवं 115(2) के तहत नया मामला दर्ज किया गया है।

दक्षिण-एशियाईऔर प्रवासी

एडिशनल एसपी ने क्या कहा ?

कोरिया जिले के एडिशनल एसपी सुरेशा चौबे का इस मामले में कहना है कि महिला सरपंच की शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया गया है। आरोपी के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है, जल्द ही वह हमारी गिरफ्त में होगा।

सरपंच मानमती सिंह ने क्या कहा ?

ग्राम पंचायत सोनहत की सरपंच मानमती सिंह का इस मामले में कहना है कि ​मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने कलेक्टर और एसपी को लिखित शिकायत सौंपकर अपने परिवार के लिए सुरक्षा मांगी है। आरोपी का पुराना रिकॉर्ड बेहद डरावना है और पुलिस की ढील के कारण हमारा पूरा परिवार साए में जीने को मजबूर है।

खड़े हुए कई सवाल-

पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

जिंदा जलाने की धमकी को हल्के में क्यों ले रही पुलिस?

नौगई तिहारे जैसे तिहरे हत्याकांड (लल्ला सिंह कांड) का उदाहरण देकर दी गई धमकी को क्या पुलिस किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही गंभीरता से लेगी?

​एफआईआर के बाद दोबारा रास्ता रोकने का साहस क्यों?

30 जून को पहला केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने आरोपी को खुला क्यों छोड़ दिया, जिससे उसने 2 जुलाई को दोबारा सरपंच का रास्ता रोककर कानून को चुनौती दे डाली?

​जिला बदर रह चुके अपराधी पर इतनी मेहरबानी क्यों?

एक हिस्ट्रीशीटर और पूर्व में जिला बदर रह चुके आरोपी के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट और अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद अब देखना यह है कब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होता है।





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