CJP का आंदोलन खत्म, संगठन का दावा- सरकार ने मांगें स्वीकार कीं; छात्रों से लौटने को कहा

सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच चली बैठक के बाद CJP ने जंतर मंतर पर अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। कान्स्टिटूशन क्लब से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह के साथ प्रवक्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया। सौरभ दास ने कहा कि जंतर-मंतर मौजूद सभी प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं।

रांका ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार से 3 बार बातचीत हुई। हमारी तीनों मांगें मान ली गई हैं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सभी केस वापस लिए जाएं और नीट पीड़ितों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए शामिल हैं। इसी दौरान बताया गया कि चार सप्ताह बाद सीजेपी के प्रवक्ता दोबारा केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था और नीट पेपर समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन बेहतर तरीके से कराने को लेकर चर्चा की थी।

 

#WATCH | Delhi: After talks with the government, Cockroach Janta Party's Chief Spokesperson Saurav Das says, "Our second demand was that all the FIRs filed against the protesters, not just in Delhi but in all BJP-ruled and BJP-allied states, should be withdrawn. This was also our… pic.twitter.com/SAvhntQZlz
— ANI (@ANI) July 25, 2026

कौन सी मांगे मानी गई ?

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीजेपी ने बताया कि आंदोलन की पहली और सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी. उन्होंने कहा, “सरकार ने हमारी इस मांग को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है और आज कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.”


आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी FIR होंगी वापस

सीजेपी नेता सौरव दास ने दूसरी बड़ी मांग का जिक्र करते हुए बताया कि जिन-जिन राज्यों में BJP या उसके सहयोगी गठबंधन की सरकारें हैं, वहां छात्र आंदोलनकारियों पर दर्ज की गई सभी FIR वापस ली जाएंगी. उन्होंने कहा, “सरकार ने हमें स्पष्ट भरोसा दिया है कि भविष्य में भी किसी आंदोलनकारी या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम के सदस्यों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई या एक्शन नहीं लिया जाएगा.”

मुआवजे पर भी बनी सहमति

बयान में आशुतोष रांका ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों के इलाज और सहायता के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पर भी सहमति बन गई है. सरकार इन सभी स्वीकृत बिंदुओं पर मंगलवार तक अपनी आधिकारिक गारंटी लिखित रूप में पेश कर देगी.

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने क्या कहा ?

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों की ओर से सरकार को चार सूत्रीय लिखित मसौदा सौंपा गया था। उन्होंने साफ किया कि सरकार नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने, सभी राज्यों में दर्ज एफआईआर वापस लेने और शिक्षा सुधारों को लेकर दिए गए मांग-पत्र का अध्ययन करने पर सहमत हुई है। साथ ही आगे भी उनके प्रतिनिधिमंडल से संवाद कायम रखा जाएगा। बैठक के अंत में सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने औपचारिक घोषणा करते हुए कहा, “हमारी सभी मुख्य मांगों के माने जाने के बाद हम अपने इस आंदोलन को तुरंत प्रभाव से वापस लेते हैं।”





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