बीएसपी कर्मचारियों के लिए वीआरएस 2026 योजना तैयार… ई-केवाईसी अनिवार्य, तभी मिलेगा राशन… नांदगांव निगम ने 15 लाख रुपए के लाभ वाला बजट पेश किया…

भिलाईनगर। बीएसपी सहित सेल की सभी यूनिटों के लिए सेल के कार्पोरेट आफिस ने वीआर स्कीम 2026 तैयार कर लिया है। इसे लांच करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इधर बीएसपी कार्मिकों में वीआर स्कीम में मानिटरी बेनिफिट को लेकर उत्सुकता है। चर्चा है कि इस बार भी वीआर स्कीम को अच्छा रिस्पांस मिलेगा।


इस समय सेल का कार्पोरेट आफिस अपनी यूनिटों में नियमित कार्मिकों और ठेका श्रमिकों की संख्या कम करने के लिए कवायद कर रहा है। उसके निर्देश पर यूनिटों में गुणा भाग चल रहा है। इस समय सभी यूनिटों में कम्पलसरी रिटायरमेंट (सीआर) यानी जबरिया रिटायर करने के लिए एचआर विभाग लिस्ट बनाने में व्यस्त है। इसके साथ साथ ठेका श्रमिकों की संख्या में कमी लाने का प्रेशर विभाग प्रमुखों पर है। पता चला है कि 30 अप्रैल तक ठेका श्रमिकों की संख्या कम करने का फरमान कार्पोरेट आफिस से जारी हो चुका है।



इधर वीआर स्कीम 2026 को लेकर कार्मिकों में उत्सुकता है। कई कार्मिक वीआर लेने का मन बना चुके हैं लेकिन स्कीम में क्या मानिटरी बेनिफिट मिलने वाला है। इसे लेकर वे उत्सुक हैं। कुछ कार्मिकों को यह भी लग रहा है कि इस समय मैनपावर की कमी को लेकर जो प्रेशर है वह वीआर से कार्मिकों की संख्या में और कमी आने से और बढ़ जाएगा। ऐसे में अभी ही निकल जाना ठीक रहेगा। जो कार्मिक बच जाएंगे स्वाभाविक रूप से उन पर वर्कलोड बढ़ जाएगा।


30 अप्रैल तक ठेका श्रमिकों की छंटनी करने के निर्देश

सूत्रों के अनुसार, सेल के कार्पोरेट आफिस से सभी यूनिटों के डायरेक्टर इंचार्ज को ठेका श्रमिकों की संख्या 30 अप्रैल तक कम करने कहा गया है। यानी सभी विभाग प्रमुखों को इस माह के अंत तक श्रमिकों की छंटनी करना है। यह छंटनी वर्क्स और नान वर्क्स एरिया, दोनों में की जाएगी।


असल में विगत कम्पनी का लक्ष्य 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2027 तक कुल ठेका श्रमिकों के कार्यबल में 40 प्रतिशत तक की कटौती करना है। इधर स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक ने इस छंटनी का विरोध करते हुए उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी दे दी है। बीएकेएस के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर कुमार का कहना है कि पब्लिक सेक्टर का निर्माण रोजगार देने के लिए किया गया था लेकिन सरकार और प्रबंधन के अधिकारी दिये हुए रोजगार को छीनने की नीति ला रहे हैं। कम वेतन वाली नौकरी भी छीनी जा रही है।


ई केवाईसी कराने के बाद ही मिलेगा एक साथ तीन माह का राशन


राजनांदगांव। अप्रैल से जून माह तक तीन माह का चावल एक साथ जारी किया जाएगा। लेकिन इसके लिए हितग्राहियों को ई केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए जिले के 498 राशन दुकानो में ई केवासी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी ई केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए है। जानकारी अनुसार राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत आम नागरिकों और राशनकार्डधारियों की सुविधा हेतु एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के तहत जिले के समस्त पात्र हितग्राहियों को अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एकमुश्त प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले में संचालित सभी 498 उचित मूल्य दुकानों में तीन माह के कोटे का खाद्यान्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की लगभग सभी दुकानों में चावल का भंडारण पूर्ण कराया जा रहा है. ताकि हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।


खाद्य विभाग ने जिले के समस्त राशनकार्डधारियों से अपील की है कि, वे अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकानों पर जाकर तीन माह का चावल एकमुश्त प्राप्त कर सकते हैं। वितरण के दौरान यदि किसी भी हितग्राही को कोई समस्या आती है या दुकान संचालक द्वारा अनियमितता बरती जाती है. तो वे तत्काल अपने क्षेत्र के संबंधित खाद्य निरीक्षक अथवा जिला खाद्य कार्यालय, राजनांदगांव में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एक राष्ट्र एक राशनकार्ड” योजना के तहत हितग्राहियों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत आवश्यक है। खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने बताया कि, जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में एकाईसी की सुविधा उपलब्ध है, जो कि पूर्णतः निःशुल्क है।


राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपनें अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ईकेवाईसी पूर्ण किया जा सकेगा। इसके आलावा फेस ईकेवाईसी एप्प जो कि गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है के माध्यम से शेष सदस्यों ई केवाईसी कराया जा सकता है।


सोसायटियों में अभी से ही खाद-बीज की किल्लत

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के किसानों को समय पर खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिले की सोसायटियों में खाद बीज का भंडारण कराया जा है, लेकिन शुरुआती दिनों में ही यूरिया और डीएपी खाद की कमी देखने को मिल रही है। आवश्यकता के मुताबिक खाद बीज का पर्याप्त भंडारण नहीं होने से किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं।

31 मई तक अग्रिम खाद का उठाव सुनिश्चित करने के कारण किसान भी सोसाइटी में पहुंचकर खाद को उठाव कर रहे हैं। सोसाइटियों में बीज भी किसानों को पर्याप्त नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों की चिंता अभी से ही बढ़ने लगी है। वर्तमान में किसानों द्वारा अग्रिम खाद बीज का उठाव किया जा रहा है।


ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले के अंतर्गत आने वाली 96 सोसायटियों के माध्यम से किसानों को प्रतिवर्ष खाद-बीज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाती है। राजनांदगांव जिले में लगभग सवा लाख किसान पंजीकृत बताएं जा रहे हैं। वर्ष 20 26-27 में किसानों को भरपूर खाद बीज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का प्रावधान रखा गया हैं। जिसका भंडारण भी शुरू कर दिया गया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव जिले में इस वर्ष कुल 33500 मीट्रिक टन खाद भंडारण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में अग्रिम खाद का उठाव जिले के किसान कर रहे हैं। 31 मई 2026 तक अग्रिम खाद और बीज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का प्रावधान है, अब तक सोसायटियों से 20368 मीट्रिक टन खाद का भंडारण कर लिया गया है। किसान भी अग्रिम खाद का उठाव कर रहे हैं।


शहर में लंबे समय से तीसरी आंख बंद

राजनांदगांव। शहर में असामाजिक तत्वों और चोरी की घटना पर लगाम लगाने के लिए व्यापारियों के सहयोग से पुलिस द्वारा शहर के 70 से 80 जगह सीसीटीव्ही कैमरे लगाए गए थे। घटिया किस्त के कैमरे की गुणवत्ता इतनी खराब रह है कि, कुछ साल चलने के बाद यह खराब हो गई है। जिसके चलते अब छोटे-मोटी चोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने पुलिस को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दिनों ही गणेश मेडिकल में दो बार चोरी हुई। थी। वही ब्लूडायमंड व नरेश वाच सहित लक्ष्मी नगर में चोरी हुई है। जिसका सुराग नहीं मिलने से पुलिस आरोपियों तक नही पहुंची है। जबकि कैमरे लगे होने से पुलिस को आरोपी तक पहुंचने रास्ता मिलता है। लेकिन वर्तमान में शहर में लगे सभी कैमरे खराब हो गए है। जिसके चलते आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।


आकाश साहू तीन माह के लिए जिला बदर

राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने पुलिस विभाग राजनांदगांव से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर बख्तावर चाल तुलसीपुर गली नंबर 1 वार्ड नंबर 17 थाना कोतवाली राजनांदगांव निवासी आकाश साहू के आपराधिक गतिविधियों का अन्य कानूनी प्रावधानों से रोकथाम नहीं होने तथा अपराधिक गतिविधियों से शांति व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना दृष्टिगत आगामी 3 माह के लिए राजनांदगांव जिले के चारों दिशाओं की राजस्व सीमाओं से हट जाने (जिला बदर) का आदेश पारित किया है।


आकाश साहू को आदेश जारी होने के एक सप्ताह के भीतर राजनांदगांव जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर चले जाने एवं 3 माह की कालावधि अर्थात 23 जुलाई 2026 के पहले प्रवेश नहीं करने के आदेश दिए गए है। आदेश का पालन नहीं करने पर बलपूर्वक राजनांदगांव जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर निकाल दिया जाएगा। इसके बाद भी आदेश का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनिमय 1980 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।


भिलाई क्लब और स्टील क्लब के बार में लगा ताला


भिलाईनगर। बीएसपी अफसरों के भिलाई क्लब सिविक सेंटर और स्टील क्लब सेक्टर 8 का बार पिछले 22 दिनों से यानी 1 अप्रैल से बंद है। असल में इन्हें फायर सिस्टम के लिए एनओसी लेने कहा गया। एनओसी मिलने के बाद भी इन्हें लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। दरअसल, उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब में 6-7 दिसम्बर को भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। यह गोवा के इतिहास में नाइट क्लब का सबसे बड़ी अग्निकांड था। इसके बाद से सरकार ने क्लबों में फायर सिस्टम को अनिवार्य कर दिया। हालांकि यहां के दोनों क्लबों में फायर सिस्टम पहले से था। लेकिन पानी के लिए छत में अलग से टंकी बनाने, पाइप लाइन बिछाने कहा गया। यह काम दोनों क्लब में करा लिया गया। इसका एनओसी मिल चुका है, लेकिन आबकारी विभाग से अब तक लाइसेंस नहीं मिला है। इसके चलते दोनों क्लब के बार में ताला लगा है। पता चला है कि लाइसेंस के लिए निर्धारित शुल्क जमा किया जा चुका है लेकिन विभाग की बड़ी अफसर की छुट्टी का हवाला देकर लाइसेंस को लटकाकर रखा गया है।


बच्चियों से अश्लील हरकत पर आरोपी को 20 वर्ष सश्रम कारावास

दुर्ग। दो मासूम बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करने वाले आरोपी को कोर्ट ने सजा दी है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ एफटीसी अनीश दुबे की कोर्ट ने ग्राम जोरातराई थाना उतई निवासी आरोपी जगन्नाथ बाग (31 वर्ष) को 20 वर्ष सश्रम कारावास के साथ 1000 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष दिल्लीवार ने पैरवी की थी।

लोक अभियोजक रूप वर्षा 5 वर्ष 10 माह के आयु की मासूम बच्ची की मां ने 6 फरवरी 2025 को थाना उतई में जाकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बड़ी बेटी अपनी 5 वर्षीय सहेली के साथ 4 फरवरी की दोपहर को मोहल्ले की दुकान में चावल से वह मोहल्ले में रहने खरीदने गई हुई थी। वहीं वाले आरोपी जगन्नाथ बाग के घर गई थी। वहां पर आरोपी जगन्नाथ शराब के नशे में था ।


दोनों बच्चियों को देखकर उसने बच्चियों के साथ गलत हरकत की। इसके बाद दोनों बच्चियां रोते हुए प्रार्थिया के घर पहुंची। जब बच्ची की मां ने दोनों बच्चियों से पूछताछ ‘की तब बच्चियों ने बताया कि वे लोग जगन्नाथ दादा के घर गए हुए थे वहां पर जगन्नाथ दादा ने उनके साथ अश्लील हरकत की है। इसके बाद बच्ची के मां ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी।


नोटिस मिलते ही निजी स्कूलों ने बच्चों के स्कूल आने पर लगाई रोक

दुर्ग। ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा के बावजूद चुनिंदा निजी स्कूलों द्वारा पिछले दरवाजे से बच्चों की पढ़ाई कराए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस पर तत्परता दिखाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी होते ही प्रबंधकों द्वारा स्पष्टीकरण भेजकर विद्यार्थियों की स्कूल में किसी प्रकार की गतिविधि नहीं होना बताया गया है।


ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर स्कूल प्रबंधकों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा को स्पष्ट किया गया है कि उनकी मंशा शासन के आदेश की अवहेलना की कतई नहीं है। कुछ स्कूल प्रबंधकों ने कहा है कि शाला के विद्यार्थियों को जो कक्षा दसवीं एवं बारहवी में है। उनका ब्रिज कोर्स द्वारा सहयोग करने का प्रयास किया जा रहा था। साथ ही सीबीएसई के दसवीं के विद्यार्थी कंपार्टमेंट/ इंप्रूवमेंट परीक्षा में नाम आया है उनको रजिस्ट्रेशन के लिए बुलाया गया था।

उसी प्रकार समर कैंप विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास के लिए सुबह 6 से 8 बजे तक समय निर्धारित कर संचालन करने की रूपरेखा बनाई जा रही थी । जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार इस तरह की सभी गतिविधियों का संचालन निरस्त कर दिया गया है।

अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

दुर्ग। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 2027 के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) का आयोजन 1 जून से 15 जून के मध्य होना संभावित है। परीक्षार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन द्वारा निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित केंद्र दुर्ग किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण आगामी 4 मई से 3 जून तक प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए आवेदन कर चुके इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से ई-मेल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सीएसवीटीयू ने ओपन किया डिजिवर्सिटी पोर्टल

भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने डिजिवर्सिटी पोर्टल ओपन कर दिया है। वहीं डिप्लोमा इंजीनियरिंग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। इस तरह से डिप्लोमा इंजीनियरिंग के पहले, तीसरे, पांचवें और तासवें सेमेस्टर के रेगुलर व बैकलॉग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के दूसरे, चौथे, छठवें तथा आठवें सेमेस्टर के बैकलॉग छात्र छात्राएं परीक्षा फॉर्म 5 मई तक भर सकेंगे। बिना लेट फीस के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल निर्धारित की गई है, जबकि इसके बाद क्रमशः 30, 120 और 200 रुपये प्रतिदिन लेट फीस के साथ 5 मई तक आवेदन किया जा सकेगा।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा फॉर्म केवल डिजिवर्सिटी पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे पोर्टल पर छात्रों के नामों की जांच सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके।

प्रैक्टिकल परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के बाद

प्रैक्टिकल समाप्त होने परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के 4 दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी। वहीं प्रैक्टिकल मार्क्स 10 दिनों के भीतर और सेशनल मार्क्स 20 दिनों के अंदर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।

एबीसी आईडी अनिवार्य, नहीं तो एडमिट कार्ड अटकेगा

तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने उल्लेख किया है कि सभी छात्रों के लिए एबीसी आईडी बनाना अनिवार्य है। जिन छात्रों की आईडी नहीं होगी, उनके एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे उनकी परीक्षा में शामिल होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और पोर्टल खुलते ही फॉर्म भरें, ताकि लेट फीस से बचा जा सके। साथ ही परीक्षा फॉर्म की स्वीकृति की अंतिम तिथि 6 मई निर्धारित की गई है।

राजनांदगांव नगर निगम में 15 लाख रुपए के लाभ का बजट पेश

राजनांदगांव। नगर निगम के महापौर मधुसूदन यादव ने बुधवार को राजनांदगांव नगर निगम का वर्ष 2025-26 का पुनरीक्षित बजट एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक आय-व्यय की स्वीकृति के लिए सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कार्यकाल के इस द्वितीय बजट में हमारा यह प्रयास होगा कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए शहर का सर्वांगीण विकास कर सकें एवं नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा सकें।

उन्होंने बताया कि बजट प्रावधानों में विभिन्न योजनाओं को शामिल किया गया है, जो कि अल्पकालीन एवं दीर्धकालीन योजनाओं के रूप में अलग अलग विभाग से क्रियान्वित होंगी। इस दौरान कांग्रेसी पार्षदों ने भी जमकर हंगामा मचाया। सर्वसम्मति से बजट पेश हुआ।

आज नगर निगम के सभाकक्ष में नगर पालिक निगम, राजनांदगांव के वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-व्यय अनुमान पत्रक प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों के विरूद्ध पुनरीक्षित आय 474 करोड़ 20 लाख 50 हजार रुपए तथा पुनरीक्षित व्यय 478 करोड़ 26 लाख रुपए है।

बजट अनुमान अन्तर्गत कुल अनुमानित आय 646 करोड़ 23 लाख रुपए तथा व्यय 696 करोड़ 70 लाख 50 हजार रुपए था, जबकि वर्ष 2025- 26 में प्रारंभिक अवशेष राशि 50 करोड़ 24 लाख 55 हजार रुपए था। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधान में प्रस्तावित आय 579 करोड़ 83 लाख 18 हजार रुपए तथा व्यय 643 करोड़ 49 लाख 71 हजार रुपए है। वर्ष 2026-27 का अनुमानित प्रारंभिक अवशेष राशि 63 करोड़ 81 लाख 53 हजार की संभावना है। इसे मिलाकर कुल आय 643 करोड़ 64 लाख 71 हजार होता है। इस प्रकार लाभ का बजट 15 लाख रुपए पेश किया गया।

शहर के सर्वांगीण विकास के लिए किए जाएंगे कार्य-मधुसूदन

महापौर मधुसूदन यादव का कहना है कि शहर के सर्वांगीण विकास के लिए आने वाले दिनों में अधिक से अधिक कार्य किए जाएंगे। शहर के सभी नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं का भरपूर लाभ मिल सके इसके लिए हर संभव प्रयास होगा।

मंडीपखोल देव जात्रा एवं महोत्सव की तैयारियां की जा रहीं जोर-शोर से

गंडई-पंडरिया। खैरागढ़ जिले के ठाकुरटोला क्षेत्र स्थित प्राचीन एवं आस्था के केंद्र मंडीपखोल गुफा में आयोजित होने वाले पारंपरिक देव जात्रा एवं महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी अक्षय तृतीया के बाद प्रथम सोमवार 27 अप्रैल को यह आयोजन किया जाएगा।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह गुफा स्थल अपनी विशालता रहस्यमयी संरचना और आध्यात्मिक महत्व के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। घने जंगलों के बीच स्थित इस गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन मार्ग से गुजरना पड़ता है। जिसमें एक ही नदी को कई बार पार करना शामिल है। यही कारण है कि यह स्थल आस्था के साथ-साथ साहसिक रोमांच का भी अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।

मंडीपखोल देव को क्षेत्र में मनोकामना पूर्ण करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है जिसके चलते हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। यह आयोजन स्थानीय आदिम सांस्कृतिक परंपराओं और लोक आस्था का जीवंत प्रतीक माना जाता है। महोत्सव के सफल आयोजन के लिए मंढीपखोल सेवा समिति द्वारा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।





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