स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का महाअभियान, घर-घर पहुंच रहे युवा कांग्रेसी
बढ़े बिजली दाम वापस लेने और स्मार्ट मीटर बदलने की मांग, उपभोक्ताओं से भरवाए जा रहे आवेदन
बिलासपुर। प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिल में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी के युवा कांग्रेसियों ने स्मार्ट मीटर हटाने और बढ़े हुए बिजली के दाम वापस लेने को लेकर महाअभियान शुरू किया है। अभियान के तहत युवा कांग्रेस की टीमें शहर और आसपास के इलाकों में घर-घर पहुंचकर बिजली उपभोक्ताओं से आवेदन भरवा रही हैं।
कांग्रेसियों का आरोप है कि राज्य सरकार ने प्रदेश की भोली-भाली जनता के घरों में स्मार्ट मीटर तो लगा दिए, लेकिन इसके बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उनका दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ रहा है।
युवा कांग्रेसियों द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायतों और आपत्तियों को दर्ज करने के लिए बाकायदा फार्म भरवाया जा रहा है। यह आवेदन कार्यपालन अभियंता, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के नाम से लिया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि घर-घर से प्राप्त इन आवेदनों को विद्युत विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर स्मार्ट मीटर की व्यवस्था और बढ़ी हुई बिजली दरों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली आम आदमी की मूलभूत जरूरत है और इसके बिल में अनावश्यक बढ़ोतरी सीधे तौर पर आम परिवार के घरेलू बजट को प्रभावित करती है। पार्टी का यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार बढ़े हुए बिजली दाम वापस लेने और स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं करती।
घर-घर दस्तक, उपभोक्ताओं से भरवाए जा रहे फार्म
महाअभियान के दौरान युवा कांग्रेस की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से जुड़ी जानकारी ले रही हैं। इसके साथ ही उनकी शिकायतों को आवेदन के माध्यम से दर्ज किया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि अभियान को आम उपभोक्ताओं का समर्थन मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।
बिजली बिल बना सियासी मुद्दा
स्मार्ट मीटर और बिजली बिल का मुद्दा अब बिलासपुर में राजनीतिक बहस का विषय बनता नजर आ रहा है। कांग्रेस इसे आम जनता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार पर लगातार निशाना साध रही है। वहीं घर-घर चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए पार्टी इस मुद्दे को जमीनी स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।



