' OMG ' : पुलिस कमिश्नर बनने डायरेक्ट आईपीएस अफसरों ने मोर्चा खोला.

रायपुर. छत्तीसगढ़ में पुलिस कमिश्नर प्रणाली घोषित होते ही डायरेक्ट आईपीएस और प्रमोटी आईपीएस अफसरों के बीच दरार आ गई है। डायरेक्ट आईपीएस अफसर कहने लगे है कि राज्य का पहला पुलिस कमिश्नर हमारे बीच से चाहिए और इसमें हमारे हिसाब से सब कुछ लागू होना चाहिए। जिसके बाद सुशासन सरकार असमंजस में पड़ गई है। कही ये न हो कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली आगे टल जाए क्योंकि सरकार के नुमाइंदे अपने पसंदीदार अफसर को ही कमिश्नर बनाने की मंशा लेकर बैठे है।


आगामी शुक्रवार यानि 23 जनवरी को राज्य की राजधानी में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने की घोषणा हो चुकी है। पहला पुलिस कमिश्नर बनने कई पुलिस अफसरों के नाम भी सामने आए हैं जिसमें पहले नंबर पर कुछ प्रमोटी आईपीएस अफसर का नाम सामने आया तो वही डायरेक्ट आईपीएस अफसरों को पुलिस कमिश्नर प्रणाली से दूर रखने की चर्चा है। सूत्रों की माने तो राज्य में पहला पुलिस कमिश्नर बनाने को लेकर डायरेक्ट आईपीएस अफसरों ने मोर्चा खोल दिया है और विरोध की आग की आंच को हवा दे रहे है। डायरेक्ट आईपीएस अफसरों का कहना है कि सरकार डायरेक्ट को मौका नहीं दे रही है राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों में प्रमोटी आईपीएस अफसरों को बिठा दिया गया है यही हाल आईएएस लाबी का भी है।


खैर अभी तो अंदर ही अंदर राज्य का पहला पुलिस कमिश्नर बनने की जुगत लगी हुई है। विरोध की लड़ाई के बीच डायरेक्ट आईपीएस अफसरों का प्रमोटी आईपीएस अफसरों को आड़े हाथों लेने की चर्चा ब्यूरोक्रेसी में जोरो पर है। पहले आए और पहले पाए की तर्ज पर नहीं बल्कि 23 जनवरी को कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा होते ही सीधा डायरेक्ट आईपीएस का नाम सलेक्ट किया जाए ऐसी मंशा बताई जा रही है।


मिनिंग के विपरीत.


छत्तीसगढ़ राज्य में जब से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने की खबर सामने आई है उसके बाद से आईपीएस अफसरों के बीच मानो भौकाल सा आ गया हो, पुलिस कमिश्नर के पवार और ग्राफ को डाउन होता देख खासकर डायरेक्ट आईपीएस अफसरों का एक धड़ा काफी नाराज चल रहा है। उनका ऐसा मानना है कि आख़िर सरकार करना क्या चाहती है विजन क्लियर नहीं है। ऐसा भी माना जा रहा है कि राज्य में पुलिस कमिश्नर प्रणाली थोपी जा रही है और आने वाले दिनों में ये फ्लॉप हो न जाए.


कैबिनेट बैठक में कुछ सुधार की चर्चा.


पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में आईपीएस अफसरों के विरोध और आंशिक सुधार करने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो अगर सब कुछ ठीक नहीं रहा तो 23 जनवरी का तय प्रोगाम आगे के लिए टल भी सकता है।









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