छत्तीसगढ़ में अफीम खेती पर सियासी घमासान: बघेल का तंज, चंद्राकर ने संरक्षण की जांच की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। लगातार अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला रायगढ़ के लैलूंगा ब्लॉक से आया है, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर बीजेपी पर कटाक्ष किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि बघेल की राजनीति हमेशा चर्चा में बने रहने की रही है। अफीम जैसी अवैध गतिविधियों पर केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण की जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।



बता दें कि रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक, नवीन घट गांव में तीन अलग-अलग खेतों में अफीम की अवैध खेती मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कटाक्ष किया। उन्होंने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “‘सुशासन’ के ‘अफ़ीम स्टार्टअप’ की नई ब्रांच अब लैलूंगा में पाई गई है।” साथ ही बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “‘सुशासन अफ़ीम’ – लैलूंगा ब्रांच।” बघेल ने तंज कसते हुए लिखा कि अब ऐसा लग रहा है कि बीजेपी को अपना चुनाव निशान “कमल के फूल” की जगह “अफ़ीम का फूल” कर लेना चाहिए।

अफ़ीम ब्रेकिंग
“सुशासन” के “अफ़ीम स्टार्टअप” की नई ब्रांच अब लैलूंगा में पाई गई है.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 23, 2026
“सुशासन अफ़ीम” – लैलूंगा ब्रांच
रायगढ़ ज़िले के लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घट गांव में एक या दो नहीं बल्कि तीन अलग-अलग खेतों में अफ़ीम पाई गई है.
अब तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा को अपना चुनाव निशान बदलकर “कमल के फूल” की जगह पर “अफ़ीम का फूल” कर लेना चाहिए. pic.twitter.com/0Qrtx8AHEM
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 23, 2026

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ BJP नेता और विधायक अजय चंद्राकर ने लैलूंगा ब्लॉक में अफीम की खेती मिलने को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गंभीर और चिंतनीय विषय है। गिरोह केवल आपराधिक लाभ कमाने में लगे हुए हैं, और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और नियमों के अनुसार कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण की भी जांच होनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि बघेल की राजनीति हमेशा चर्चा में बने रहने की रही है। उन्होंने कहा, “चर्चा में बने रहने के लिए भूपेश बघेल किसी भी तरह का बयान दे सकते हैं। उनके बयान पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। तथ्यों की जांच और चिन्हांकन कर ही कार्रवाई होनी चाहिए।”

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले 17 दिनों में यह पांचवां अफीम का मामला है। इससे पहले दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ के विभिन्न ब्लॉकों में भी अफीम की अवैध खेती पकड़ी जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच कर, आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





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