BEML का छत्तीसगढ़ में बड़ा कदम: मुंगेली में प्रदेश के पहले HEMM संयंत्र को मंजूरी, शंकर लाल अग्रवाल बने स्वतंत्र निदेशक

रायपुर। रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अग्रणी सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ने हाल ही में सामरिक और औद्योगिक मोर्चे पर दो दूरगामी एवं ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। एक ओर जहाँ भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री शंकर लाल अग्रवाल को कंपनी के निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) नियुक्त किया गया है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के मुंगेली ज़िले में प्रदेश का पहला भारी मशीनरी निर्माण संयंत्र (HEMM Plant) स्थापित करने हेतु अपनी आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।



BEML के संगठनात्मक ढांचे और नीति-निर्धारण को अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा शंकर लाल अग्रवाल को बोर्ड में शामिल किया गया है। रक्षा, एयरोस्पेस, रेलवे व खनन जैसे सामरिक महत्व के क्षेत्रों में कार्यरत इस मिनीरत्न कंपनी के उच्च-स्तरीय निर्णयों और भावी विकास योजनाओं में उनका यह संवैधानिक दायित्व अत्यंत निर्णायक सिद्ध होगा। यह मनोनयन संस्थान के भीतर সুशासन (Good Governance) और ‘मेक इन इंडिया’ के लक्ष्यों को गति देने का एक अहम प्रयास है।

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मुंगेली में औद्योगिक क्रांति का शंखनाद

नेतृत्व विस्तार के साथ-साथ, माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुंगेली ज़िले की पथरिया तहसील के ग्राम चंद्रगढ़ी में 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर BEML को आवंटित करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया है। यह रणनीतिक स्थल बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जो बेहतरीन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।


यह अत्याधुनिक संयंत्र प्रदेश का पहला हैवी अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट (HEMM) प्लांट होगा। यहाँ उत्खनन, निर्माण और खनन कार्यों में प्रयुक्त होने वाले विशालकाय बुलडोजर, डंपर और हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर का स्वदेशी निर्माण किया जाएगा।

आधिकारिक स्रोतों व स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस विशाल औद्योगिक इकाई की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, लगभग 1,500 से 2,500 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष एवं 8,000 से 10,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका प्राप्त होगी।


इसके अतिरिक्त, प्लांट के समीप लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और स्पेयर पार्ट्स निर्माण से जुड़ी 50 से अधिक सहायक MSME इकाइयों के विकसित होने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। यह संयंत्र केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, अपितु पड़ोसी खनिज बहुल राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड की भारी मशीनरी की माँगों को भी सुगमता से पूरा करेगा।

BEML की यह बहुआयामी प्रगति जहाँ एक ओर निदेशक मंडल के पुनर्गठन से नीतिगत व रणनीतिक ढाँचा सुदृढ़ होगा, वहीं दूसरी ओर मुंगेली संयंत्र प्रदेश के आर्थिक उत्थान का नया केंद्र बनेगा। यह पहल भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वदेशी औद्योगिक क्षमता संवर्धन के दृढ़ संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है।


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