अर्पण एक उम्मीद बना मिसाल,नए साल में पुलिस का गिफ्ट, खो चुके मोबाइल पाकर खिल उठे चेहरे, एसपी ने साइबर टीम की तारीफ..

बिलासपुर. आपकी एक आस,आपकी अमानत आपके पास इस पंक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है साइबर टीम ने जाने अनजाने में आज के दौर में बेहद जरूरी खो चुके मोबाइल फोन को पुलिस ने अलग अलग जिले राज्यों से खोज निकालने में सफलता हासिल की है। नए साल में नई सौगात के रूप में अर्पण अभियान के तहत एसपी के हाथों गुम हो चुके करीब 50 लाख से अधिक मोबाइल फोन को एक बार भी वापस दिया है। इस प्रोग्राम में जहा एक तरफ एसपी ने जिले के साइबर क्राइम की टीम की तारीफ की तो वही मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे।

नए साल में पुलिस ने उन लोगों को खुशी दी जिन्होंने अपना मोबाइल खो दिया था। लखीराम आडिटोरियम में अर्पण एक उम्मीद प्रोग्राम के तहत एसपी प्रशान्त अग्रवाल की उपस्थिति में कोतवाली सीएसपी व साइबर सेल के नोडल अधिकारी निमेश बरैया ने पिछले साल गुम हो चुके 130 से अधिक लोगों मोबाइल फोन को उन्हें वापस सौपा। नए साल का तौफा स्वरूप फिर से अपना मोबाइल पाकर लोगो के चेहरे खिल गए। कार्यक्रम का मंच संचालन कर रहे टीआई कलीम खान ने कहा कि इस काम को मुकाम तक पहुचाने में उम्मीद आपकी और कोशिश हमारी रही है। तीन साल पहले एक ऐसा की आयोजन जिले में किया गया था वही दूसरी बार भी बिलासपुर पुलिस कामयाब हुई है।

नए साल का गिफ्ट..एसपी..

एसपी प्रशान्त अग्रवाल ने इस मौके पर साइबर टीम के सब इंस्पेक्टर मनोज नायक,अजय बारे और उनकी सारी टीम को विशेष रूप से बधाई दी। एसपी ने कहा आज के दौर में मोबाइल एक ऐसा गैजेट है जिसके बिना इंसान नही रह सकता।इसके गुम हो जाने से कितनी प्रॉब्लम होती है समझ सकता हु साइबर टीम ने आप लोगो की उम्मीद के बल पर फिर से मोबाइल फोन बरामद कर नए साल का गिफ्ट दिया है।

थैंक्यू पुलिस.. डॉ पाण्डेय..

अर्पण एक उम्मीद प्रोग्राम में अलग अलग जगहों से लोग अपना गुमा मोबाइल वापस लेने आए थे। साइबर सेल की टीम ने बाकायदा मोबाइल बरामदगी के बाद उसे गिफ्ट पैक कर सभी को लौटा दिया। कोविड होम आइसुलेट की डॉ सीमा पांडेय ने भी अपना फोन खो दिया। दुबारा मोबाइल पाकर उन्होंने खुशी का इजहार किया और मंच से कहा कि ये बिलासपुर पुलिस के साइबर सेल की कड़ी मेहनत का असर है जो आज एक बार फिर सब के पास सिर्फ उम्मीद के सहारे मोबाइल फोन वापस आ गया है। उन्होंने साइबर टीम के काम की सराहना कर धन्यवाद दिया और बताया कि एक बार उनका मोबाइल कोरबा में मिस हो गया था उस वक़्त आईजी रतनलाल डांगी कोरबा एसपी हुआ करते थे। जिन्होंने घटना के कुछ ही घण्टे बाद मेरा फोन ट्रेस करवा कर वापस दिलवा दिया था। ये एक अच्छी बात है कि आज श्री डांगी आईजी बनकर यहां आए है।

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