• कलेक्टर और एसपी के निर्देश/संरक्षण में साहू समाज के व्यक्ति चित्रसेन साव के साथ की गई बर्बरता अत्यंत अमानवीय एवं शर्मनाक.
रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में साय सरकार की तरफ से जनआंदोलन का सामना कर रही महिला आरक्षक के साथ पहले भीड़ के द्वारा अमानवीय कृत्य की घटना उसके बाद आरोपी को अर्धनग्न कर जूता चप्पल जुलूस की घटना को लेकर राज्य में अलग अलग तरह की चर्चाओं से बाजार गर्म है इधर राजधानी के आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने इसे कलेक्टर और एसपी के निर्देश/संरक्षण में साहू समाज के व्यक्ति चित्रसेन साव के साथ की गई बर्बरता अत्यंत अमानवीय एवं शर्मनाक करार दिया है।
प्रेस नोट के माध्यम से श्री शुक्ला ने कहा कि
रायगढ़ जिले की तमनार घटना की आड़ में जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देश/संरक्षण में साहू समाज के व्यक्ति चित्रसेन साव के साथ की गई बर्बरता अत्यंत अमानवीय एवं शर्मनाक है।
पीड़ित को पहले बेरहमी से पीटा गया, फिर अर्धनग्न अवस्था में हथकड़ी पहनाकर जूते-चप्पलों की माला डलवाकर सार्वजनिक सड़कों पर घुमाया गया। यह कृत्य न केवल मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है, बल्कि कानून के राज पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उक्त संपूर्ण प्रकरण की शिकायत मैंने माननीय मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के समक्ष की है। और इस शर्मनाक और अमानवीय घटना को लेकर मैं हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करने जा रहा हूँ।



