खैरागढ़। जिले के ग्राम ठेलकाडीह में स्थित संत गुरु घासीदास बाबा नवीन महाविद्यालय का अपना भवन नहीं बनने से छात्रों का गुस्सा गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। छात्रों के आह्वान पर कांग्रेसियों ने मिनीमाता चौक पर धरना-प्रदर्शन, आक्रोश रैली और चक्काजाम किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल हुए। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष नवाज खान और जिला कांग्रेस अध्यक्ष कोमल साहू ने किया। प्रदर्शनकारियों ने महाविद्यालय भवन के निर्माण के लिए स्वीकृत राशि जारी कर तत्काल निर्माण शुरू कराने की मांग की।
विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा कि ठेलकाडीह महाविद्यालय वर्षों से स्कूल भवन में संचालित हो रहा है। एक ही भवन में सुबह कॉलेज और बाद में स्कूल लगने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रयोगशाला, पुस्तकालय, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल नहीं मिल पा रहा है।


हर्षिता बघेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय महाविद्यालय भवन के लिए भूमि आवंटित हो चुकी थी और राशि भी स्वीकृत हुई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद प्रक्रिया रोक दी गई। इस मुद्दे को कई बार छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठाया गया। सदन में सरकार ने मामले पर विचार करने की बात कही, लेकिन आज तक भवन निर्माण के लिए राशि जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा, बजट में प्रस्ताव शामिल करने और फिर हटाने की प्रक्रिया से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सरकार पर क्षेत्र के साथ भेदभाव करने का आरोप
विधायक ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों छात्रों के भविष्य का सवाल है। यदि महाविद्यालय संचालित हो रहा है तो उसका अपना भवन भी होना चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर क्षेत्र के साथ भेदभाव करने और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे की अनदेखी करने का आरोप लगाया। धरने में शामिल छात्रों ने कहा कि लंबे समय से भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि जब तक महाविद्यालय का अपना भवन नहीं बनता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

जल्द निर्माण नहीं होने पर तेज किया जाएगा आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि महाविद्यालय भवन निर्माण की वर्तमान स्थिति और राशि जारी होने को लेकर सरकार की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



